Homeग्वालियर अंचलग्वालियर में  हिल स्टेशन की तर्ज पर  सिटी फोरेस्ट का नजारा दिखेंगे...

ग्वालियर में  हिल स्टेशन की तर्ज पर  सिटी फोरेस्ट का नजारा दिखेंगे 250 प्रकार की प्रजातियों के पक्षी और नैसर्गिक नजारे

आकर्षक फूलदार पौधों से सजाया-सँवारा जायेगा, वहीं इसके भीतर चंबल घड़ियाल अभ्यारण्य व चीता प्रोजेक्ट कूनो के मॉडल, हैरीटेज ग्वालियर की धराहरों के मॉडल, एडवेंचर स्पोर्ट्स, वॉकिंग ट्रैक, चिल्ड्रन पार्क, कैक्टस गार्डन इत्यादि विकसित करने का प्लान तैयार

ग्वालियर / वर्तमान समय की भागम-भाग भरी जिंदगी में सुकून के पल गुजारने के लिये ग्वालियर शहर के भीतर सिटी फोरेस्ट विकसित होने जा रहा है। सचिन तेंदुलकर मार्ग से सटी सिरोल पहाड़ी व कारगिल उपवन में स्थापित किए जा रहे सिटी फोरेस्ट को जहाँ हिल स्टेशन की तर्ज पर आकर्षक फूलदार पौधों से सजाया-सँवारा जायेगा, वहीं इसके भीतर चंबल घड़ियाल अभ्यारण्य व चीता प्रोजेक्ट कूनो के मॉडल, हैरीटेज ग्वालियर की धराहरों के मॉडल, एडवेंचर स्पोर्ट्स, वॉकिंग ट्रैक, चिल्ड्रन पार्क, कैक्टस गार्डन इत्यादि विकसित करने का प्लान तैयार किया गया है। इसी कड़ी में बुधवार की शाम कलेक्टर श्री अक्षय कुमार सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश सिंह चंदेल की मौजूदगी में आयोजित हुए “एन ईव: इन्वायरमेंट एण्ड सस्टेनबिलिटी” के माध्यम से शहरवासियों को इस पुनीत पहल से जुड़ने का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर रामकृष्ण मिशन आश्रम के स्वामी सुप्रदीप्तानंद जी, वन मण्डलाधिकारी सुश्री प्रियांशी सिंह, अथ युवा फाउण्डेशन के संचालक डॉ. देवेन्द्र दांगी, संभागीय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण श्री दीपक पाण्डे व उप वन मण्डलाधिकारी श्री कौशल तथा पर्यावरण प्रेमी श्रीमती देवियानी मंचासीन थीं। शहर के भीतर सिटी फोरेस्ट के रूप में हो रही इस रचनात्मक पहल को जिला प्रशासन, वन विभाग, नगर निगम, पुलिस, रामकृष्ण मिशन व अथ युवा फाउण्डेशन द्वारा सभी की भागीदारी से इस रचनात्मक पहल को धरातल पर उतारा जायेगा।
कलेक्टर श्री अक्षय कुमार सिंह ने इस अवसर पर कहा कि पर्यावरणीय असंतुलन की वजह से हम सबको जलवायु परिवर्तन की वजह से तमाम प्राकृतिक आपदाओं से जूझना पड़ रहा है। तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। ऐसे में बड़े पैमाने पर वनीकरण की महती आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से ग्वालियर शहर के नजदीक सभी की भागीदारी से सिटी फोरेस्ट विकसित करने का निर्णय लिया गया है। सभी शहरवासी इसमें भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता व पर्यावरण एक दूसरे से जुड़े हैं। ग्वालियर शहर से स्वच्छता कार्यक्रम के माध्यम से निकलने वाले अनुपयोगी कबाड़ से सुंदर-सुंदर कलाकृतियों का निर्माण इस पार्क में कराया जायेगा। साथ ही अन्य गतिविधियाँ भी होंगीं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश सिंह चंदेल ने कहा कि ग्वालियर शहर के भीतर सिटी फोरेस्ट विकसित करने का निर्णय पारिस्थितिकीय संतुलन बनाने की दिशा में सराहनीय पहल है। उन्होंने आशा जताई कि यह पहल निश्चित ही सभी के सहयोग से फलीभूत होगी। सिटी फोरेस्ट जैसे स्थल तनाव को कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
वन मण्डलाधिकारी सुश्री प्रियांशी सिंह ने कहा कि अच्छे जीवन के लिये अच्छा पर्यावरण जरूरी है। इसी भाव के साथ वन विभाग सिटी फोरेस्ट के निर्माण में भरपूर सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि सिटी फोरेस्ट स्थल पर 18 से शुरू होने जा रहे मिशन लाईफ की गतिविधियाँ भी शामिल की जाएँगी।
रामकृष्ण मिशन आश्रम के स्वामी सुप्रदीप्तानंद जी ने कहा कि केवल भौतिक सुख-सुविधाओं से जीवन सुखमय नहीं हो सकता। जीवन में आनंद के लिये सिटी फोरेस्ट जैसी रचनात्मक गतिविधियाँ जरूरी हैं। पेड़ों के बीच शांति मिलती है और शांति में ही अच्छे निर्णय लिए जा सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि ग्वालियर शहर में हुई वनीकरण की यह पहल पूरे मध्यप्रदेश के लिये रोल मॉडल बनेगी।

लगभग 250 प्रकार की प्रजातियों के पक्षियों का बसेरा है सिटी फोरेस्ट में

वाईल्ड लाईफ अध्ययन से जुड़ीं श्रीमती देवियानी ने कार्यक्रम में जानकारी दी कि सिटी फोरेस्ट परिसर में वर्तमान में लगभग 250 प्रजातियों के पक्षी बसेरा बनाए हुए हैं। इनमें यूरोपियन कंट्रीज के दुर्लभ पक्षी शामिल हैं। इसी तरह विभिन्न प्रजाति के साँप भी सिटी फोरेस्ट परिसर में देखे जा सकते हैं।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments