आज मुरैना से मध्यप्रदेश में प्रवेश करेगी किसान सम्मान यात्रा
मुख्यमंत्री शिवराज करेंगे किसान सभा को सम्बोधित
प्रवीण दुबे
यूँ तो बलराम जयन्ती पर भाजपा किसान मोर्चा हो या किसान संघ प्रतिवर्ष किसानों के बीच जाकर कार्यक्रम आयोजित करने की पुरानी परंपरा रही है। लेकिन इस बार बलराम जयन्ती को भाजपा ने खास अंदाज में मनाने की योजना बनाकर यह साफ सन्देश दिया है कि आने वाले चुनाव से पूर्व पार्टी का पूरा फोकस प्रदेश के किसानों पर केंद्रित रहने वाला है।
उल्लेखनीय है कि रविवार को बलराम जयन्ती है और इस अवसर पर भाजपा ने किसानों का दिल जीतने के लिए पूरे एक पखवाड़े तक अपनी पूरी ताकत झोंकने की योजना बनाई है।
यूँ तो इस कार्यक्रम की पूरी जिम्मेदारी पार्टी ने अपने किसान मोर्चा को सौंपी है लेकिन पार्टी हाई कमान इसको लेकर कितना गम्भीर है कि इसकी शुरुआत के अवसर पर खुद मुख्यमंत्री उपस्थित रहने वाले हैं।
विदित हो कि रविवार 1 अप्रैल से बलराम जयन्ती के अवसर पर भाजपा किसान मोर्चा की अगुवाई में किसान सम्मान यात्रा प्रारम्भ होने जा रही है। 15 अप्रैल तक चलने वाली इस किसान सम्मान यात्रा का शुभारंभ मध्यप्रदेश के राजस्थान और उत्तरप्रदेश से लगे चम्बल के सीमावर्ती जिले मुरैना से होने जा रही है।
साफ है कि चुनावी अवसर पर किसान हितैषी होने का संकेत पार्टी केवल मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं रखना चाहती है इसकी गूंज उत्तरप्रदेश ओर राजस्थान तक पहुंचे पार्टी ने कुछ ऐसा ही कार्यक्रम तय किया ।
उत्तरप्रदेश के मथुरा में तीनों राज्यों के तमाम बड़े नेता उपस्थित होकर रविवार को प्रसिद्ध दाऊजी मन्दिर में पूजा अर्चना के बाद किसान यात्रा की शुरआत करेंगे उसके बाद राजस्थान के धौलपुर में भी यह यात्रा आज ही पहुंचेगी वहां भी राजस्थान के पार्टी नेता इसे भव्यता प्रदान करेंगे।
इसके बाद यह यात्रा एक बड़े हूजूम के साथ मध्यप्रदेश के मुरैना मैं प्रवेश करेगी जहां मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री खुद शिवराज सिंह यात्रा की न केवल अगवानी करेंगे बल्कि यहां विशाल किसान सभा के माध्यम से किसानों तक सरकार की बात पहुंचाएंगे। साफ है जब मुख्यमंत्री इसमें शिरकत करने यहां पहुचने वाले हैं तो पूरे अंचल में इस यात्रा को लेकर जहां भाजपा में तेज हलचल देखी जा रही है वहीं सरकारी मशीनरी भी पूरी तरह हरकत में दिखाई दे रही है।
इसके।लिए केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह सहित मुरैना व भिंड सांसद क्रमशः अनूप मिश्रा और भगीरथ प्रसाद को भी पार्टी ने हर हाल में इस यात्रा में सक्रिय भूमिका निभाने को कहा गया है।
एस किसान सम्मान यात्रा को भाजपा का किसानों के बीच चुनावी शंखनाद कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होना चाहिए, इस यात्रा के माध्यम से पार्टी जहां सभी जिलों में पहुंचकर किसानों को खुश करने उनका सम्मान करने वाली है वहीं केंद्र व राज्य सरकार की तमाम किसान कल्याण के जुड़ी योजनाओं का भी पार्टी बखान करेगी। यह भी सम्भव है मुख्यमंत्री किसानों को रिझाने कुछ बड़ी घोषणायें भी कर सकते हैं। इस किसान यात्रा से भाजपा मध्यप्रदेश के किसानों की मनः स्थिति को टटोलने की भी कोशिश करेगी साफ है पार्टी चुनाव से पहले जहां किसानों के बीच उनका दिल जीतना चाहती है वहीं वह इस माध्यम से सरकार के प्रति किसानों की क्या नियती है इसका भी वह सर्वेक्षण कर लेना चाहती है।
यहां बताना उपयुक्त होगा कि पिछले कुछ महीनों में कांग्रेस और कम्युनिस्ट दलों नें किसानों की आत्महत्या व अन्य मांगों को लेकर उन्हें भाजपा के खिलाफ लामबन्द करने की कूटनीतिक चाल चली है इसमें उन्हें काफी हद तक सफलता भी प्राप्त हु है। महाराष्ट्र मैं लालझंडे तले किसानों ने बड़ा पैदल मार्च किया वहीं दिल्ली मध्यप्रदेश व दक्षिण के कुछ राज्यों में भी किसान आंदोलन हुए है। मुख्य बात यह है कि इन आंदोलनों को भाजपा के ही यशवंत सिन्हा शत्रुघन सिन्हा व मुँह फुलाये बैठे कुछ नेताओं ने हवा दी है। अब चुनावी माहौल में भाजपा नहीं चाहती कि किसानों की नाराजगी बढे इस कारण किसानों को नजदीक लाने के प्रयाश लगातार चल रहे हैं।