ग्वालियर जिले में एक अगस्त को प्रवेश करेगी संत रविदास समरसता यात्रा
जिले में तीन दिवस तक रहेगा यात्रा का प्रवास, 4 अगस्त को शिवपुरी के लिये होगी रवानगी
ग्वालियर / संत सिरोमणि सदगुरू रविदास जी महाराज की समरसता यात्रा एक अगस्त को विकासखंड भितरवार से ग्वालियर जिले में प्रवेश करेगी। यह यात्रा जिले के डबरा व भितरवार विकासखंड के विभिन्न ग्रामों से होते हुए 3 अगस्त को मोहना पहुँचेगी। यहाँ से 4 अगस्त को यह समरसता यात्रा शिवपुरी जिले में प्रवेश करेगी। इस यात्रा के माध्यम से प्रदेश भर में संत रविदास जी के सामाजिक समरसता के संदेश को जन – जन तक पहुँचाया जा रहा है।
कलेक्टर श्री अक्षय कुमार सिंह ने जिले में सुव्यवस्थित ढंग से समरसता यात्रा के आयोजन के लिये अपर कलेक्टर श्रीमती अंजू अरूण कुमार को नोडल अधिकारी और सहायक आयुक्त जनजाति कल्याण श्री एच बी शर्मा को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। साथ ही जिले के सभी संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, आयुक्त नगर निगम, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक एवं उच्च शिक्षा विभाग के अग्रणी प्राचार्य को भी यात्रा से संबंधित व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी है। जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक व विकासखंड समन्वयकों को जिले में समरसता यात्रा के संयोजक व संचालन का दायित्व सौंपा गया है।
ज्ञात हो प्रदेश में संत रविदास समरसता यात्रा 25 जुलाई को 5 स्थानों जावद जिला नीमच, माण्डव जिला धार, श्योपुर, बालाघाट व सिंगरौली से शुरू हुई है। विभिन्न जिलों से होती हुई यह समरसता यात्राएँ 11 अगस्त को रात्रिकाल में सागर में एकत्रित होंगीं। सभी यात्राएँ 12 अगस्त तक विभिन्न गाँवों से मिट्टी एवं प्रदेश भर की 313 नदियों से जल का सांकेतिक संग्रहण एवं जन-जागरण करते हुए सागर पहुँचेंगी। स्थान-स्थान पर जन-संवाद होंगे। सागर में 12 अगस्त 2023 को मंदिर निर्माण की स्थापना के शिलान्यास एवं वृहद स्तर पर जनसंवाद कार्यक्रम होगा।
ग्वालियर जिले में श्योपुर से आयेगी समरसता यात्रा
ग्वालियर जिले में पहुँचने वाली संत रविदास समरसता यात्रा श्योपुर जिले से आयेगी। यह यात्रा श्योपुर जिले से शुरू होकर 9 जिलों श्योपुर-मुरैना-भिण्ड-दतिया-ग्वालियर-शिवपुरी-गुना-अशोकनगर-बीना-खुरई-सागर से गुजरेगी। यात्रा के दौरान जनसंवाद कार्यक्रम में प्रमुख रूप से संत 1008 श्री बालीजी मंदिर मंहत, संत श्री गुप्तेश्वर मंदिर मंहत, संत श्री रामदेव बाबा मंदिर मंहत, संत श्री देवकीनंदन पालीवाल जी, संत 1008 श्री सिरोनी हनुमानजी मंदिर महाराज, संत 1008 छिमाछमा मंदिर मंहत श्री व्ही.के. शर्मा जी, संत श्री रामदास जाटव जी, संत श्री प्रहलाद दास जी, संत श्री मुन्नालाल जी, संत श्री सतीश शास्त्री जी, संत श्री जितेन्द्र शर्मा जी, संत श्री रामलखन जी, संत श्री हरिमोहन पंडित जी, संत श्री मथुरा प्रसाद पुजारी जी, संत श्री गंगा नंद रामशंकर पुजारी जी, संत श्री सीताराम बाबा, संत श्री रामलाल किदुआ जी, संत श्री रूद्र चेतन पुरी जी, संत श्री पूरनदास जी, संत श्री रामलखन दास जी, संत श्री राजूगिरी जी, संत श्री श्री 1008 परमहंस माघवानन्द जी, संत श्री शिवेश गिरि जी, संत श्री पंडित चेतन जी, संत श्री रामगिरि जी, संत श्री सियारामदास जी, संत शिरोमणि मल्हारगढ़ मंदिर श्री युवराज जी सहित अन्य संत शामिल होंगे। इसके अलावा जिले के प्रभारी मंत्री, सासंद, विधायक एवं अन्य जन-प्रतिनिधि शामिल होंगे।