क्यों हुए चुनाव
– 2011 और 2014 में रेड्डी को इस पद के लिए निर्विरोध चुना गया था। इस साल दिसंबर में भुवनेश्वर में रखी गई परिषद की बैठक में अध्यक्ष का नाम फिर से चुना जाना था, लेकिन इसी दौरान कुछ सदस्यों ने रेड्डी के खिलाफ कोकजे का नाम प्रस्तावित कर दिया और सदस्यों में अध्यक्ष को लेकर कोई आम सहमति नहीं बन पाई।
– इसी के चलते 14 अप्रैल को अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराने का निर्णय लिया गया था। माना जाता है कि वीएचपी नेता तोगड़िया इस पद के लिए रेड्डी का समर्थन कर रहे थे।