क्या है अक्षय तृतीया
अक्षय तृतीया वैशाख में शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है। अक्षय तृतीया 18 अप्रैल को है। 18 अप्रैल को प्रातः 4 बजकर 47 मिनट से शुरू होकर रात 3 बजकर 03 बजे तक रहेगी। कथा प्रसंग के अनुसार एक बार लक्ष्मी जी ने विष्णु जीसे कहा कि समस्त शुभ कार्य किसी न किसी मुहूर्त में होते हैं। जो इन मुहूर्त में नहीं कर पाएं, उनके लिए भी तो कुछ होना चाहिए। तब भगवान ने अपने अवतार दिवस यानी परशुराम जयंती पर अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त की संज्ञा दी। नाम के अनुरूप अक्षय तृतीया पर धन का क्षय नहीं होता। धनतेरस की तरह ही इस दिन स्वर्ण-रजत खरीदने की परंपरा है। इस दिन लक्ष्मी नारायण की पूजा कमल या गुलाब के फ़ूल से होती है।