प्रवीण दुबे
कानून के पचड़े में उलझा विवाद तो बाधित हो सकती है चुनाव प्रक्रिया
श्री सनातन धर्म मंडल चुनाव को लेकर विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है अब आजीवन सदस्य ओमप्रकाश जाजोरिया ने चुनाव को लेकर लगाई आपत्ति को निरस्त किए जाने को नियम विरुद्ध करार दिया है और इसके खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात कही है उनके इस निर्णय का सनातन धर्म मंडल से जुड़े कई अन्य सदस्यों ने भी समर्थन किया है। अब महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि यह विषय कानूनी पचड़े में फंसता है तो विवाद बढ़ सकता है और चुनाव प्रक्रिया बाधित हो सकती है।


उल्लेखनीय है कि आजीवन सदस्य ओमप्रकाश जाजोरिया ने प्रधानमंत्री और अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के खिलाफ अहर्ता संबंधी नियम का हवाला देते हुए आपत्ति दर्ज कराई थी।
आपत्ति में उस नियम का हवाला दिया गया था जिसमें कहा गया है कि संविधान के अनुसार इन दोनों पदों पर वही व्यक्ति चुनाव लड़ सकता है जो तीन बार कार्यकारिणी सदस्य या पदाधिकारी रहा हो।
जाजोरिया के अनुसार चूंकि अध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतरे विजय गोयल तथा प्रधानमंत्री पद पर खड़े हुए रमेश गोयल इस अहर्ता को पूर्ण नहीं करते हैं अतः उनका पर्चा निरस्त होना चाहिए।
4 अगस्त को इस आपत्ति सहित अन्य आपत्तियों का निराकरण होना था। चुनाव अधिकारी अरविंद दूदावत और उनके चार सहयोगियों राजकुमार गर्ग,राजेन्द्र शर्मा,राजीव अग्रवाल ,संजय गुप्ता ने काफी जद्दोजहद के बाद किसी भी आपत्ति को मान्य न करने की बात कहकर सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया था।
अपील खारिज होने और नाम वापसी का समय गुजरने के बाद चुनाव अधिकारी श्री दूतावत ने चुनाव मैदान में उतरे दोनों ग्रुपों चक्रधर और सनातन ग्रुप के प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए इस प्रकार चुनाव का रास्ता साफ हो गया।
उधर आपत्ति खारिज होने के बाद आजीवन सदस्य ओमप्रकाश जाजोरिया ने संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया को नियम विरुद्ध संचालित किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने shabdshakti news से चर्चा में कहा कि उनकी आप्ति सनातन धर्म मंडल के संविधान में निहित नियमानुसार ही थी और इसको संज्ञान में न लेकर निरस्त करना नियम विरुद्ध है । श्री जाजोरिया ने कहा कि वे इसकी शिकायत कलेक्टर,पंजीयन कार्यालय सहित निर्धारित स्थान पर करेंगे और यहां सुनवाई नहीं हुई तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
गौरतलब है कि सनातन धर्म मंडल के चुनाव को लेकर शुरुआत से ही विवाद की स्थिति बनी हुई है पहले एक आजीवन सदस्य को घर में जाकर निपटाने की धमकी ,पुलिस में शिकायत आदि को लेकर माहौल गर्माया रहा अब चुनाव को लेकर आपत्ति चर्चा में है। यहां बताना उपयुक्त होगा कि सनातन धर्म मंडल शहर का सबसे प्रतिष्ठित मंदिरों में शुमार है इसको संचालित करने वाली रजिस्टर्ड समिति है जिसमें 560 से अधिक सदस्य शामिल हैं यहां 10 अगस्त की तारीख चुनाव के लिए तय है। इसके पहले लगातार विवाद की स्थिति बनने से धार्मिक स्थल से जुड़े श्रद्धालुओं के बीच रोष देखा जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि इसी प्रकार शहर के एक अन्य प्रतिष्ठित मंदिर अचलेश्वर न्यास के सदस्यों के बीच भी वर्चस्व की लड़ाई इस कदर बढ़ गई थी कि कलेक्टर को यहां प्रशासक तैनात करना पड़ा था। अब सनातनधर्म मंदिर भी उसी दिशा की ओर अग्रसर होता दिखाई दे रहा है।