प्रवीण दुबे
ग्वालियर/मथुरा/अपनी स्थापना के सौ वर्ष पूर्ण करने जा रहे दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की दृष्टि से ग्वालियर से लेकर मथुरा तक का लगभग 150 किलोमीटर का क्षेत्र दीपावली से पूर्व अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से लेकर नवम्बर के शुरुआती सप्ताह तक बेहद संवेदनशील रहने वाला है।

उल्लेखनीय है कि रा.स्व.संघ में अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल सर्वोच्च नीति निर्धारक संरचना है। इसमें संघ रचना के सभी 46 प्रांतों के प्रांत एवं सह संघचालक, प्रांत कार्यवाह तथा प्रांत प्रचारक आमंत्रित किए जाते हैं। यह बैठक प्रतिवर्ष इन्हीं दिनों में दीपावली के पूर्व संपन्न होती है।
सुनील आंबेकर ने कहा कि कार्यकारी मंडल की बैठक में विजयादशमी के पावन पर्व पर सरसंघचालक जी द्वारा प्रस्तुत विचारों तथा उनके उद्बोधन में उल्लेखित महत्वपूर्ण मुद्दों के अनुवर्तन हेतु योजनाओं तथा देश में वर्तमान समय चल रहे समसामयिक विषयों पर बैठक में व्यापक चर्चा होगी।
इसी मार्च 2024 में हुई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में निर्धारित वार्षिक योजना की समीक्षा तथा संघ कार्य के विस्तार का वृत्तांत भी लिया जाएगा। बैठक में विशेष कर संघ शताब्दी निमित्त सुनिश्चित संगठनात्मक लक्ष्यों को विजयादशमी 2025 तक पूर्ण करने के संबंध में विचार-विमर्श होगा।
मथुरा में संघ की यह महत्वपूर्ण बैठक समाप्त होने के बाद आरएसएस की एक अन्य महत्वपूर्ण बैठक ग्वालियर में होने जा रही है इस बैठक में संघ से जुड़े विचार परिवार के 400 से अधिक पूर्णकालिक प्रचारक के अलावा संघ का अखिल भारतीय नेतृत्व जिसमें सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत भी शामिल होंगे इस बैठक में मार्गदर्शन हेतु उपस्थित रहेगा l
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मथुरा की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल’ की बैठक के तुरंत बाद हो रही ग्वालियर बैठक दीपावली के तीन दिन बाद तक जारी रहेगी इस बीच दीपावली त्यौहार भी होगा इस हेतु केदारपुर सरस्वती शिशु मंदिर में तैयारियां लगातार जारी हैं l
सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में आरएसएस शताब्दी वर्ष सहित अन्य संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर शीर्ष नेतृत्व अपना मार्गदर्शन प्रदान करेगा l
इस बैठक को लेकर ग्वालियर पुलिस प्रशासन ने अपनी सुरक्षा को लेकर काम प्रारम्भ कर दिया है इस हेतु विशेष स्तर की सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है l