पराली व अन्य फसल अवशेष जलाएँ नहीं, अलापुर पहाड़ी पर पहुंचाएं
ग्वालियर / खेतों से निकलने वाले अवशेष अर्थात पराली इत्यादि को जलाएँ नहीं, इसे अलापुर पहाड़ी पर पहुँचाएँ। फसलों के अवशेष अलापुर पहाड़ी पर विकसित किए जा रहे सिटी फॉरेस्ट के लिए उपयोगी साबित होंगे। साथ ही अवशेष जलाने से खेतों की उर्वरता को पहुँचने वाले नुकसान से भी बचा जा सकेगा और पर्यावरण को भी क्षति नहीं पहुँचेगी। इस आशय की अपील कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिले के किसानों से की है।
उप संचालक कृषि श्री आर एस शाक्यवार ने बताया कि खेतों में पराली व अन्य अवशेष जलाने से भूमि की उर्वरता को काफी नुकसान पहुँचता है। इससे उठने वाले धुँए से पर्यावरण भी प्रदूषित होता है। इसलिए किसान भाई अलापुर पहाड़ी पर फसल के अवशेष पहुँचाकर सिटी फॉरेस्ट के विकास में सहभागी बन सकते हैं। वर्तमान में धान की कटाई होने के बाद बची पराली को जलाने से रोकने के लिये विभाग द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। खेतों में फसल के अवशेष जलाना दण्डनीय अपराध भी है।
ज्ञात हो अलापुर पहाड़ी में वर्तमान में सिटी फॉरेस्ट विकसित करने के लिये विशेष प्लांट बेड तैयार किए जा रहे हैं। यहाँ पर हो रहे नगर वन विकास से ग्वालियर के सौंदर्य में बढ़ोत्तरी के साथ-साथ लोगों को प्रात:कालीन सैर के लिये भी अच्छा स्थान मिल सकेगा।