चैंपियंस ट्रॉफी की आठ साल बाद वापसी होने जा रही है। पिछली बार यह टूर्नामेंट 2017 में इंग्लैंड में खेला गया था। तब पाकिस्तान ने फाइनल में भारत को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी। 19 फरवरी से हाइब्रिड मॉडल में टूर्नामेंट का आगाज होगा। इसमें कुल आठ टीमें भाग लेंगी। भारत अपने सभी मुकाबले दुबई में खेलेगा जबकि बाकी टीमें अपने मैच पाकिस्तान में ही खेलेंगी। आगामी टूर्नामेंट के लिए सभी टीमों ने अपने-अपने फाइनल स्क्वॉड अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को सौंप दिए हैं।

क्वालिफाई करने पर दुबई में फाइनल खेलेगा भारत
आठ टीमों के इस टूर्नामेंट में 15 मैच होंगे। यह टूर्नामेंट 19 दिनों तक चलेगा। पाकिस्तान में रावलपिंडी, लाहौर और कराची मैचों की मेजबानी करेंगे। पाकिस्तान के हर एक मैदान पर तीन-तीन ग्रुप मैच खेले जाएंगे। लाहौर दूसरे सेमीफाइनल की मेजबानी करेगा। अगर भारत फाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं करता है तो लाहौर ही नौ मार्च को फाइनल की मेजबानी भी करेगा। अगर भारत क्वालिफाई करता है तो फाइनल दुबई में खेला जाएगा। सेमीफाइनल और फाइनल दोनों में रिजर्व डे होंगे। भारत से जुड़े तीन ग्रुप मैच और पहला सेमीफाइनल दुबई में खेला जाएगा।
दो ग्रुप में बटीं आठ टीमें
पाकिस्तान के अलावा भारत के ग्रुप में अन्य दो टीमें बांग्लादेश और न्यूजीलैंड हैं। महामुकाबले से पहले भारत का सामना 20 फरवरी को बांग्लादेश से होगा और पाकिस्तान से भिड़ने के बाद टीम 2 मार्च को न्यूजीलैंड से भिड़ेगी। ये सभी मैच दुबई में होंगे। दूसरे ग्रुप में अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका हैं। भारत के खेलों के अलावा दोनों ग्रुप के मैच लाहौर, कराची और रावलपिंडी में खेले जाएंगे।
दो सेमीफाइनल 4 मार्च और 5 मार्च को होंगे। दोनों सेमीफाइनल के लिए रिजर्व डे रखा गया है। 9 मार्च को होने वाले फाइनल में भी रिजर्व डे की व्यवस्था रहेगी। पहला सेमीफाइनल (अगर भारत उसमें पहुंचता है) यूएई में खेला जाएगा। अगर भारत क्वालीफाई नहीं करता है तो मैच पाकिस्तान में ही होगा। ऐसे ही फाइनल लाहौर में खेला जाएगा। अगर भारत खिताबी मुकाबले तक पहुंचता है तो इसे यूएई में कराया जाएगा।
