ग्वालियर, मध्य प्रदेश: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज ग्वालियर में थे इस अवसर पर उन्होंने पत्रकारोंसे चर्चा करते हुए कहा कि पहले देशवासियो को विदेशों से आयतित लाल गेहूं खाना पड़ता था आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारे कृषि वैज्ञानिकों ने अनुसंधान करके नई नई उन्नत किस्मो का उत्पादन करके देश को कृषि में आत्मनिर्भर बना दिया है।

श्री चौहान ने कहा, “कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान उसकी आत्मा है। किसानों की सेवा हमारे लिए भगवान की पूजा है। कृषि में उत्पादन लगातार बढ़े, लागत घटे, उत्पादन का ठीक दाम मिले, प्राकृतिक आपदा में राहत मिले, कृषि का विविधीकरण हो और धरती आने वाली पीढ़ियों के लिए भी अन्न उत्पादित करती रहे, इसका प्रयास प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कृषि विभाग लगातार करता रहा है। गेहूं हमारी प्रमुख फसल है…गेहूं अनेकों तरह की कठिनाइयों सामना कर रहा है। जलवायु परिवर्तन, बढ़ते हुए तापमान के कारण यह आशंका व्यक्त की गई है कि गेहूं का उत्पादन घट सकता है…प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 साल में लगभग 44% उत्पादन फसलों का बढ़ा है और गेहूं के उत्पादन में भी हमने नए रिकॉर्ड स्थापित किए हैं लेकिन आने वाले समय में हमारे सामने जो चुनौतियां हैं, उनका मुकाबला करते हुए हम ऐसी किस्मों का विकास करें जिससे गेहूं का उत्पादन लगातार बढ़ता जाए…बढ़ते तापमान और कम पानी में भी कैसे गेहूं के उत्पादन को और हम बढ़ा पाएं, इसकी कोशिश भी हम कर रहे हैं
अगले महीने दिल्ली में होगी रबी फसलों पर कॉन्फ्रेंस
शिवराज ने बताया “फसल चक्र के अनुसार अब रबी की फ़सलें आने वाली हैं. रबी फसलों में कैसे बेहतर उत्पादन कर सकें, इस पर मंथन के लिए दिल्ली में आने वाली 14-15 सितंबर को रबी कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, जिसमे कृषि वैज्ञानिकों के साथ ही राज्य सरकारों के कृषि मंत्री, कृषि विशेषज्ञ और केंद्र सरकार के सभी अधिकारी और वैज्ञानिक इस पर विचार करेंगे.”
अक्टूबर में विकसित कृषि संकल्प अभियान होगा शुरू
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहानने आने वाले समय में कृषि संकल्प अभियान के बारे में भी जानकारी दी. लैब में जो अनुसंधान होते हैं, उन्हें सीधा किसान तक किस तरह लेकर जाएं, इसके लिए आने वाले 3 अक्टूबर से खरीफ की तरह ही अब रबी फसलों के लिए विकसित कृषि संकल्प अभियान की शुरुआत करने जा रहे हैं.
भारत में गेहूं का उत्पादन लगातार बढ़ा
दुनिया में भारत गेहूं उत्पादन के मामले में तीसरे नंबर पर है. हाल के वर्षों में देश में गेहूं उत्पादन लगातार बढ़ा है. रबि की गेहूं मुख्य फसल मानी जाती है. एक रिपोर्ट के अनुसार 2022-23 में भारत में गेहूं उत्पादन 112.18 मिलियन टन तो 2023-24 में बढ़कर लगभग 114 मिलियन टन तक पहुंचा. भारत गेहूं उत्पादन का बड़ा हिस्सा घरेलू खपत में इस्तेमाल करता है.