अब विस्तार से जानिए पूरा घटनाक्रम
भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह अपने समर्थकों के साथ कलेक्टर आवास पर पहुंचे थे। यहां कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव मेन गेट पर आए। यहां विधायक ने तू-तड़ाक शुरू किया। इस पर कलेक्टर नाराज हो गए। कलेक्टर ने उंगली दिखाई और कहा औकात में बातचीत करना।
विधायक कुशवाह ने आंखें दिखाते हुए दांतों को पीसते हुए मुक्का बांधकर दिखाया। इस पर समर्थक भी गुस्साए और कहा कि औकात से बोलना। फिर नारेबाजी की। इस समय कलेक्टर गेट के अंदर को हुए।
विधायक कुशवाह ने फिर थप्पड़ मारने के लिए हाथ दिखाया। तभी गार्ड आगे आए। उन्होंने कलेक्टर को भीतर करते हुए विधायक और कलेक्टर के बीच गेट पर हाथ रख लिए।
विधायक- तू मुझे जानता नहीं है। कई बार समझा दिया फिर भी नहीं मानता। कलेक्टर- रेत की चोरी नहीं चलने दूंगा। विधायक- तू सबसे बड़ा चोर है।
कलेक्टर ने ओझा गांव की रेत खदान के बारे में बोलना चाहा तभी विधायक ने फिर आंखें दिखाई और गुस्साए। इस दौरान कलेक्टर ने फिर कुछ कहा। इस पर फिर विधायक बंगले में घुसने लगे।इसी दौरान विधायक के गार्ड ने कहा भाई साहब बैठकर बातचीत कर लीजिए।
विधायक- प्राइवेट आदमियों से वसूली करवा रहे हो। वहां पटवारी भेज दिए।
इसके बाद विधायक के कुछ समर्थक नारे लगा रहे थे। वो रुके तो विधायक बोले- लगाओ नारे। इसी समय कलेक्टर से फिर विधायक बोले- पटवारी कैसे बैठाए। फिर कलेक्टर अंदर चले गए। इसी समय विधायक अभद्र भाषा में बोलते हुए गेट के अंदर घुस गए और बोले- तू आ जा तुझे देखता हूं। तू आजा।
इस पर कलेक्टर फिर लौटे और विधायक के समर्थकों को डांटते हुए बोले मेरे घर के अंदर आकर वीडियो क्यों बना रहे हो। मेरे घर के अंदर वीडियो बना रहे हो। इस पर समर्थकों ने मोबाइल बंद कर लिया।
खाद के लिए देर रात से लाइन में लग रहे किसान प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा कि वे रात 12 बजे से सहकारी समितियों के बाहर कतार में खड़े हो जाते हैं, लेकिन उन्हें मुश्किल से एक या दो बोरी खाद ही मिल पा रही है। वे लगातार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
किसानों का आरोप है कि खाद खुले बाजार में महंगे दामों पर आसानी से उपलब्ध है, जिससे कालाबाजारी की आशंका गहरा रही है।
विधायक बोले- प्रशासन मूकदर्शक बना किसानों की शिकायत लेकर विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह बुधवार सुबह कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के निवास पर पहुंचे। यहां धरना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा- किसान खाद के लिए बेहाल हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है। खाद का वितरण सही तरीके से नहीं हो रहा है। यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो आंदोलन और भी उग्र होगा।
आला अधिकारी विधायक को समझाते रहे मौके पर एसपी असित यादव, एएसपी संजीव पाठक और एडीएम एलके पांडेय भी पहुंचे थे। ये सभी अधिकारी विधायक को समझाने में जुटे रहे। विधायक ने फोन पर चंबल संभाग के कमिश्नर मनोज खत्री से भी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कमिश्नर को बताया कि खाद संकट को लेकर कोई जमीनी तैयारी नहीं की गई है।
प्रभारी मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने खुद विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा से बात की. जिसके बाद विधायक का गुस्सा शांत हुआ और विधायक कलेक्टर बंगले से वापस चले गए.
आखिर ये खाद कहां जा रहा है?
इस मामले में जब विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा से बातचीत की गई तो विधायक ने कहा कि किसानों को खाद मिलने में परेशानी हो रही है, पर्याप्त खाद उपलब्ध है लेकिन वितरण व्यवस्था सही नहीं है. किसान जब हमारे पास आए तो हम किसानों के साथ कलेक्टर के पास पहुंचे थे. हमारी प्रभारी मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल से बात हो गई है, जब खाद पर्याप्त मात्रा में है तो सोसाइटियों पर क्यों नहीं पहुंच रहा है? आखिर ये खाद कहां जा रहा है?
बता दें कि भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा अक्सर अपने तेज तर्रार रवैए की वजह से सुर्खियों में रहते हैं. इससे पहले भी वह ऐसे काम कर चुके हैं कि देशभर में चर्चा का विषय बन चुके हैं.