बरेली में शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के दौरान हुई हिंसा के मास्टर माइंड मौलाना को पुलिस ने उसके ही घर जहां वह दुबका बैठा था कब्जे में ले लिया है खबर है कि पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। उधर बरेली हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘कल बरेली में एक मौलाना भूल गया कि राज्य में सत्ता किसकी है. उसे लगा कि वो जब चाहे व्यवस्था को रोक सकता है, लेकिन हमने साफ कर दिया कि न तो नाकाबंदी होगी और न ही कर्फ्यू. हालांकि, हमने जो सबक सिखाया है, उससे आने वाली पीढ़ियां दंगे करने से पहले दो बार सोचेंगी. व्यवस्था को रोकने का ये कैसा तरीका है? 2017 से पहले यूपी में यही चलन था, लेकिन 2017 के बाद हमने कर्फ्यू तक नहीं लगने दिया. उत्तर प्रदेश के विकास की कहानी यहीं से शुरू होती है.”
एसएसपी के मुताबिक़, कई एफ़आईआर में अब तक मौलाना तौकीर रज़ा सहित आठ प्रमुख अभियुक्तों सहित 39 को गिरफ़्तार करके जेल भेजा गया
बरेली ज़िले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (एसएसपी) और ज़िलाधिकारी (डीएम) ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर हिंसा से जुड़ी जानकारियां दी हैं.
पत्रकारों से बातचीत में एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया, “अब तक कुल 10 एफ़आईआर दर्ज हुई हैं. थाना कोतवाली में पांच एफ़आईआर दर्ज हुई हैं. थाना बारादरी में दो एफ़आईआर दर्ज की गई हैं. थाना किलानगर और कैंट में एक-एक एफ़आईआर दर्ज की गई है.”
एसएसपी के मुताबिक़, “इन एफ़आईआर में अब तक कुल घटना में शामिल आठ अभियुक्तों को गिरफ़्तार करके जेल भेजा गया है. इन अभियुक्तों के नाम हैं- मौलाना तौकीर रज़ा, सरफ़राज़, मनीफ़ुद्दीन, अज़ीम, मोहम्मद शरीफ़, मोहम्मद आमिर, रेहान और मोहम्मद सरफ़राज़.”
बरेली पुलिस का कहना है कि इन आठ लोगों को गिरफ़्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. कुल 39 लोगों को हिरासत में लिया गया है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा?
लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “आपने देखा होगा कल बरेली के अंदर, वह मौलाना भूल गया कि शासन किसका है.”
उन्होंने कहा, “वह यह मानता था कि धमकी देंगे और हम ज़बरदस्ती जाम कर देंगे. हमने कहा ‘जाम नहीं होगा और कर्फ़्यू भी नहीं लगेगा, लेकिन कर्फ़्यू का सबक ऐसा सिखा देंगे कि तुम्हारी आने वाली पीढ़ी दंगा करना भूल जाएगी’.”
मुख्यमंत्री ने यूपी की पिछली सरकार पर तंज़ कसते हुए कहा, “2017 के पहले यूपी के अंदर यही होता था. 2017 के बाद हमने कर्फ़्यू भी नहीं लगने दिया.”
क्या है मामला?
उत्तर प्रदेश के बरेली में जुमे की नमाज़ के बाद ‘आई लव मोहम्मद’ प्रदर्शन हिंसक झड़पों में बदल गया.
पुलिस के मुताबिक, ‘आई लव मोहम्मद’ के प्लेकार्ड लेकर आला हज़रात दरगाह और इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल प्रमुख मौलाना तौक़ीर रज़ा ख़ान की अपील पर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे. प्रशासन का कहना है कि इसकी अनुमति नहीं दी गई थी.
भीड़ शहर के ख़लील तिराहे से इस्लामिया इंटर कॉलेज मैदान की ओर बढ़ी तो पुलिस ने रोकने की कोशिश की और पथराव, झड़प और लाठीचार्ज की घटनाएं हुईं.
पुलिस के मुताबिक़, इस दौरान फ़ायरिंग भी हुई और पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हुए.
उधर बरेली हिंसा को लेकर पुलिस लगातार जांच में जुटी हुई है. पुलिस ने कुल पांच एफआईआर दर्ज की है. हालांकि अभी बरेली शहर में हालात सामान्य हैं. जिले के डीएम ने कहा कि दोषियों के खिलाफ एनएसए के तहत मामला दर्ज किया जाएगा.
100 से ज्यादा उपद्रवियों की होगी गिरफ्तारी
बरेली में जुम्मे की नमाज के बाद हुए उपद्रव के मामले में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई लगातार जा रही है. इसी कड़ी में बरेली के जिला अधिकारी अविनाश सिंह का का मीडिया पर दिया बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि विकास के पहिए को रोकने के लिए कुछ षड्यंत्रकारी साजिश रच रहे हैं. शहर का माहौल खराब करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे. सीसीटीवी फुटेज कैमरा और सोशल मीडिया के माध्यम से 100 से ज्यादा उपद्रवियों को चिन्हित किया गया है, जिनके खिलाफ कार्रवाई होनी है.
बरेली हिंसा की चल रही थी 5 दिन से तैयारी
बरेली हिंसा की जांच के दौरान पता चला है कि हिंसा की प्लानिंग 5 दिन से चल रही थी. पुलिस के मुताबिक साजिश में जो भी लोग शामिल थे उनकी पहचान की जा रही है. इसके अलावा सभी उपद्रवियों और साजिश में शामिल लोगों पर NSA के तहत कार्रवाई की जाएगी. ऑर्गनाइजर्स के खिलाफ भी NSA लगाने की तैयारी की जा रही है.