तमिलनाडु सरकार ने गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को राज्य में दो मार्च को पथ संचलन की अनुमति देने से इनकार कर दिया,यह भी खबर है कि कई स्वयंसेवक गिरफ्तार भी किए गए हैं,हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं की गई है। उधर इस बात की भी जानकारी आ रही है कि संघ के विरोध में विदुथलाई चिरुथाईगल कात्ची (वीसीके) द्वारा जवाबी प्रदर्शन करने की घोषणा की गई है हालांकि उनकी इस योजना के लिए भी मंजूरी नहीं दी गई। उधर संघ ने उसके संचलन व शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों पर रोक लगाए जाने को मद्रास हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
गांधी जयंती पर संघ के पथ संचलन को तमिलनाडु सरकार ने कानून व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हुए इजाजत नहीं दी। संघ के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि सरकार ने उसे अपनी योजना पर आगे नहीं बढ़ने के लिए कहा था। हमारा मार्च शांतिपूर्ण है और मद्रास उच्च न्यायालय ने पहले ही इसके लिये अनुमति दे दी है। हम इस मुद्दे पर कानूनी रूप से आगे बढ़ेंगे। संघ ने बाद में मद्रास उच्च न्यायालय में एक अवमानना याचिका दायर की, जिसमें तमिलनाडु के गृह सचिव फणींद्र रेड्डी और पुलिस महानिदेशक सी शैलेंद्र बाबू को अदालत के 22 सितंबर के आदेश को लागू नहीं करने के लिए दंडित करने की मांग की गई। अदालत ने उन्हें संघ की स्थानीय इकाइयों को पथ संचलन और बाद में रविवार को एक जनसभा करने की इजाजत देने को कहा था। यह अर्जी कल न्यायमूर्ति जी के इलांथिरैयन के समक्ष पेश की जाएगी।