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वीडियो :विद्याभारती द्वारा महिलाओं के लिए सप्तशक्ति संगम का अनूठा आयोजन,देशभर में जुटेंगी 75 लाख से अधिक महिला शक्ति

मध्यभारत प्रान्त में होंगे 6 हजार से अधिक कार्यक्रम,मुरैना में 26 अक्टूबर को होगी शुरआत,ग्वालियर में 5 नवंबर को 6 स्थानों पर होंगे विराट कार्यक्रम

इस महोत्सव का शुभारंभ 5 अक्टूबर से हुआ है जो आगामी 23 मार्च 2026 नेताजी सुभाषचंद्र बोस जयंती तक सतत चलेगा

ग्वालियर /शिक्षा के क्षेत्र में सक्रीय अखिल भारतीय संस्थान विद्या भारती द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं के लिए ‘सप्तशक्ति संगम’ का विराट आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में 10 लाख माताओं को प्रेरित कर राष्ट्र निर्माण की दिशा जागरूक करने का  महत्वपूर्ण अभियान संचालित किया जाएगा।

इस सम्पूर्ण आयोजन की जानकारी देने आज विद्याभारती माध्यभारत द्वारा ग्वालियर में सरस्वती शिशु मंदिर, नदी गेट पर पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए  कार्यक्रम की क्षेत्रीय संयोजक श्रीमती राजश्री वैद्य दीदी, प्रांत सहसंयोजक श्रीमती सरिता पटेल, श्रीमती रेखा भदौरिया एवं श्रीमती मनीषा शर्मा श्रीमती कल्पना सिकरवार,श्रीमती मंजू सिकरवार आदि ने बताया कि इस अखिल भारतीय आयोजन में माध्यभारत प्रांत भी बढ़ चढ़कर अपनी भूमिका का निर्वहन करने जा रहा है।

 

मध्यभारत प्रान्त में होंगे 6 हजार से अधिक कार्यक्रम

आयोजकों ने बताया कि मध्यभारत प्रान्त ने इस राष्ट्रीय संकल्प में अग्रणी भूमिका निभाते हुए अपने सभी विघालयों में 6000 कार्यक्रम आयोजित करने का लक्ष्य रखा है।

ग्वालियर विभाग में इसकी शुरुआत  मुरैना शिक्षा नगर में 26 अक्टूबर को आयोजित सप्तशक्ति संगम’ से होगी इसमें मातृ गोष्ठी सहित अन्य आयोजन होंगे,उन्होंने बताया कि माध्यभारत के सप्तशक्ति संगम’ के आयोजनों में 25 हजार से अधिक महिलायें भाग लेंगी। इन आयोजनों में कुटुंब प्रबोधन,पर्यावरण, समरसता, जैसे तमाम विषयों पर अच्छा कार्य करने वाली महिलाओं को आगे लाकर प्रोत्साहित भी किया जाएगा। ग्वालियर में सप्तशक्ति संगम’ का आयोजन 5 नवंबर को चयनित छह स्थानों पर किया जाएगा।

अभियान का उद्देश्य

उन्होंने इस अभियान का उद्देश्य बताते हुए जानकारी दी कि इसके माध्यम से भारतीय नारी की अन्तर्निहित शक्तियों को जाग्रत कर उन्हें परिवार, समाज एवं राष्ट्र के विकास में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है।

विद्या भारती के अंतर्गत देशभर में 21,514 विधालय संचालित हैं, जहाँ 35,33,922 छात्र/छात्राएं तथा 1,53,840 आचार्य/दीदी कार्यरत हैं। यह अभियान इन्हीं लाखों माताओं और शिक्षकों के माध्यम से पूरे समाज को दिशा देने का कार्य करेगा।

सप्तशक्ति संगमः महिलाओं के लिए एक राष्ट्रीय अभियान

उन्होंने बताया कि ‘सप्तशक्ति संगम’ एक ऐसी अखिल भारतीय योजना है. जो महिलाओं का, महिलाओं के लिए महिलाओं के माध्यम से व्यापक स्तर पर होने वाली है। इस राष्ट्रीय अभियान के तहतः

1. 10 लाख से अधिक महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

2. समग्र देश में 30,000 से अधिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

3. 50 लाख से अधिक ‘पंच-परिवर्तन के करणीय कार्यों से युक्त हस्तपत्रक घर-घर वितरित किए जाएंगे।

श्रीमद्भगवतगीता से लिया गया नाम

आयोजकों ने जानकारी में बताया कि ‘सप्तशक्ति संगम’ का नाम श्रीमद्भगवतगीता के स्लोक ‘कीर्तिः श्रीवाक् च नारीणां स्मृतिर्मेधा धृतिः क्षमा’ कीर्ति, श्री. वाक, स्मृति, मेधा, धृति और क्षमा से प्रेरित है, जो नारी की सात दैवीय शक्तियों को इंगित करता है। यह संगम इन शक्तियों को जाग्रत कर, एक सशक्त, संस्कारी और समृद्ध भारत के निर्माण का संकल्प है।

वैचारिक क्रांति

उन्होंने कहा कि ‘सप्तशक्ति संगम’ का आयोजन मात्र एक कार्यक्रम न होकर, यह भारतीय जीवनशैली के मूल्यों को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक वैचारिक क्रांति है। इसके मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

मातृशक्ति का आत्मगौरव- महिलाओं का आत्मगौरव बनकर समाज एवं देश के कल्याण के कार्यों को प्रेरणा देना।

कुटुंब प्रबोधन एवं जीवनशैली- सप्तशक्ति संगम के माध्यम से कुटुंब प्रबोधन (परिवार के प्रति जागरूकता) एवं पर्यावरण हितैषी जीवनशैली को भारतीय दृष्टि देना।

विकास में दायित्व बोध- भारत के विकास में महिला के दायित्व बोध को जाग्रत करना।
सामाजिक पंच-परिवर्तनः सामाजिक पंच-परिवर्तन पर आधारित करणीय कार्यों को करने की दिशा देना।

तीन प्रमुख विषयों पर दी जाएगी प्रस्तुति 

प्रत्येक ‘सप्तशक्ति संगम’ कार्यक्रम में तीन प्रमुख विषयों पर प्रस्तुति दी जाएगी. जिसके उपरान्त समूह बर्चा और संकल्प होंगे:

विषय प्रस्तुति- भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति का गौरवपूर्ण स्थान और वर्तमान चुनौतियों में उनकी भूमिका।

2. प्रेरणादायी महिलाओं के सन्देश- विशिष्ट एवं प्रेरणादायी माताओं का सम्मान तथा उनके अनुभव कथन।

3. सामूहिक संकल्प- विशेष रूप से कुटुंब प्रबोधन और पर्यावरण हितैषी जीवनशैली पर आधारित 8 संकल्पों पर माताओं का प्रबोधन एवं सामूहिक संकल्प ।

सप्तशक्ति संगम में सावित्रीबाई फुले, स्वामी विवेकानन्द, भगिनी निवेदिता, महादेवी वर्मा और ऐनी बेसेन्ट जैसी महान विभूतियों के उन विचारों को भी रेखांकित किया जाएगा, जिन्होंने भारतीय नारी को उसके गौरवपूर्ण आसन पर प्रतिष्ठित करने का आह्वान किया है।

1952 से सम्पूर्ण भारत वर्ष में शिक्षा के लिए समर्पित

समाज परिवर्तन के ध्येय को लेकर सन् 1952 से सम्पूर्ण भारत वर्ष में शिक्षा के लिए समर्पित देश का एकमात्र अशासकीय संघठन विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान ने अब राष्ट्रव्यापी स्तर पर महिलाओं के लिए ‘सप्तशक्ति संगम’ नामक एक महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया है।

 

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