श्योपुर11 दिसंबर 2025/ चीता गामिनी के 20 महीने के शावक की आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर तीन दिन पूर्व मौत हो गई थी। इस मौत का मुख्य संदिग्ध ग्वालियर का एक व्यापारी बन गया है। 7 दिसंबर को हुई इस घटना के बाद उसकी एसयूवी को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा के आंकड़ों और सुबह 5 से 6 बजे के बीच वाहन की आवाजाही की विस्तृत समीक्षा के बाद व्यापारी की पहचान की। इसी समय के दौरान शावक हाईवे पार करने की कोशिश करते हुए मारा गया था।
जांचकर्ताओं को एक प्रत्यक्षदर्शी का बयान भी मिला है। एसयूवी के टोल एंट्री और एग्जिट टाइमस्टैम्प, औसत गति और सीसीटीवी फुटेज में लेन बदलने के पैटर्न का तकनीकी विश्लेषण, साथ ही घटना के कुछ मिनट बाद टोल बूथ पर संदिग्ध के ‘घबराए हुए और टालमटोल वाले हाव-भाव’ ने उसे संदिग्धों की सूची में ला खड़ा किया। कहा जा रहा है कि जब वन अधिकारियों ने पहली बार उससे संपर्क किया तो उसने किसी भी भूमिका से इनकार कर दिया और उनके अधिकार पर सवाल उठाया।
मंगलवार रात को ग्वालियर से एसयूव को जब्त किया गया। फोरेंसिक टीमें वाहन और दुर्घटना स्थल से उठाए गए पेंट के निशान, माइक्रोफाइबर, डेंट के पैटर्न, खून के धब्बे और मिट्टी के नमूनों का विश्लेषण कर रही हैं। एक अधिकारी ने कहा, ‘यह ‘मैच या नो-मैच’ की स्थिति होगी। फोरेंसिक नतीजे ही तय करेंगे।’ संदिग्ध को हिरासत में नहीं लिया गया है, लेकिन उसके फोन, लोकेशन हिस्ट्री और वाहन की आवाजाही के डेटा की जांच की जा रही है। उसे आगे के आदेश तक ग्वालियर न छोड़ने का निर्देश दिया गया है।