नई दिल्ली /भोपाल 13 दिसंबर 2025/केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान की सुरक्षा बढ़ाई गई है। हालांकि इस बढ़ी हुई सुरक्षा का कारण केंद्रीय गृह मंत्रालय को मिले इनपुट बताए जा रहे हैं इसी कारण सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया गया। लेकिन राजनैतिक गलियारों में इस बढ़ाई गई सुरक्षा के अलग मायने लगाए जा रहे हैं इसमें कहा जा रहा है कि मामा शिवराज को कोई बड़ी जिम्मेदारी के मिलने की बात तय होने के बाद उनकी सुरक्षा को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है उनके पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर चर्चाएं जारी हैं कहा तो यहां तक जा रहा है कि शिवराज सिंह को प्रधानमंत्री मोदी के विकल्प के रूप में भी पार्टी आगे ला सकती है।
हालांकी अभी इसपर कोई भी आधिकारिक रूप से चर्चा को तैयार नहीं है फिलहाल भोपाल में 74 बंगला स्थित बी-8 आवास के चारों तरफ पुलिस ने अतिरिक्त बैरिकेडिंग की। वहीं दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। शिवराज पर पाकिस्तान के की खुफिया एजेंसी ISI की ओर से दिलचस्पी दिखाने की जानकारी मिली है।
ISI शिवराज के बारे में दिलचस्पी दिखा रहा- MHA सुरक्षा बढ़ाने को लेकर जारी गृह मंत्रालय के पत्र के मुताबिक केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बारे में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने जानकारी हासिल करने में दिलचस्पी दिखाई है।
केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी की सलाह से केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की गई है। पत्र में कहा गया है कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अपनी सुरक्षा व्यवस्था को उचित रूप से समायोजित करें।
जेड प्लस मिलने के बाद भी अतिरिक्त सुरक्षा शिवराज सिंह चौहान पहले से ही Z+ श्रेणी की सुरक्षा में हैं। इसके बावजूद गृह मंत्रालय को नए इनपुट मिलने के बाद केंद्र ने एमपी डीजीपी, दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (सुरक्षा) और एमपी के मुख्य सचिव को सुरक्षा पुख्ता करने का निर्देश भेजा है।भोपाल और दिल्ली-दोनों जगह अलर्ट बढ़ा इनपुट मिलने के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने दोनों शहरों में चौहान की सुरक्षा रिंग को मजबूत किया है। शुक्रवार देर रात भोपाल बंगले के बाहर सुरक्षा बढ़ी हुई देखी गई
मीडिया ‘ को मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव को ‘अति-गोपनीय’ पत्र भेजा है। इसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो। सूचना मिलने के तुरंत बाद भोपाल में उनके आवास के दोनों ओर की सड़कों पर नाकाबंदी सख्त कर दी गई है और आने-जाने वाले हर वाहन की सघन जांच शुरू हो गई है।
पुराने खतरे और खुफिया डायरी
यह पहली बार नहीं है जब शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है। खुफिया फाइलों में दर्ज पुराने आंकड़ों पर नजर डालें तो वे हमेशा से संवेदनशील श्रेणी में रहे हैं:
- सिमी (SIMI) का खतरा (2016): भोपाल जेल ब्रेक और सिमी आतंकियों के एनकाउंटर के बाद शिवराज सिंह चौहान कट्टरपंथी संगठनों के निशाने पर सबसे ऊपर आ गए थे। उस समय भी उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई थी।
- नक्सल हिट लिस्ट (2018-19): बालाघाट और कान्हा क्षेत्र में उनके दौरों के दौरान माओवादी पर्चों में उन्हें धमकियां दी गई थीं।
- जन आशीर्वाद यात्रा (2018/2023): सीधी और चुरहट में उनकी बस पर पथराव की घटनाएं हो चुकी हैं, जिसे सुरक्षा में बड़ी चूक माना गया था। गृह मंत्रालय ने इन पुरानी घटनाओं का संज्ञान लेते हुए अब ‘जीरो एरर’ (शून्य त्रुटि) की नीति अपनाई है।