अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह “ईरान का तेल अपने कब्ज़े में लेना” चाहते हैं और खार्ग द्वीप पर भी नियंत्रण कर सकते हैं. यह वही द्वीप है, जहां से ईरान का ज़्यादातर तेल निर्यात होता है.
ट्रंप ने फ़ाइनेंशियल टाइम्स से ये बात तब कही है जब एक तरफ़ ईरान जंग में संघर्ष विराम को लेकर पाकिस्तान और मध्य पूर्व के देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश हो रही है जबकि दूसरी ओर संभावित ज़मीनी हमलों के लिए हज़ारों की तादाद में अमेरिकी सेना मध्य पूर्व में पहुंच चुकी है.
हालांकि, बाद में ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि ईरान के साथ समझौता ‘बहुत जल्द’ हो सकता है.
युद्ध के चलते तेल की क़ीमतों में तेज़ी आई है. एक महीने में क़ीमतें 50 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़ गई हैं. सोमवार सुबह ब्रेंट क्रूड की क़ीमत बढ़कर 116 डॉलर प्रति बैरल हो गई.
28 फ़रवरी को ईरान पर हुए इसराइल-अमेरिका के हमले के पहले कच्चे तेल की क़ीमतें 72 डॉलर प्रति बैरल के आस-पास थीं.
फाइनेंशियल टाइम्स ने रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति का एक साक्षात्कार प्रकाशित किया. इसमें ट्रंप ने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो मेरी पसंदीदा चीज़ है ईरान का तेल लेना. लेकिन अमेरिका में कुछ लोग कहते हैं कि आप ऐसा क्यों कर रहे हैं. वे लोग बेवकूफ़ हैं.”
ट्रंप ने संकेत दिया कि इस क़दम में खार्ग द्वीप पर कब्ज़ा शामिल हो सकता है. उन्होंने कहा, “हो सकता है हम खार्ग द्वीप लें, हो सकता है नहीं लें. हमारे पास कई विकल्प हैं. इसका मतलब यह भी होगा कि हमें वहां कुछ समय तक रहना पड़ेगा.”
जब उनसे द्वीप की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि उनके पास कोई ख़ास सुरक्षा है. हम इसे बहुत आसानी से ले सकते हैं.”
राष्ट्रपति की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अतिरिक्त 3500 अमेरिकी सैनिक मध्य पूर्व पहुंच चुके हैं. आशंका जताई जा रही है कि तनाव बढ़ने पर अमेरिकी बलों पर ईरान के हमले हो सकते हैं.
ट्रंप ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के ज़रिए अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है और इसमें प्रगति हो रही है, लेकिन उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि संघर्षविराम समझौता जल्द होगा या नहीं.
उन्होंने कहा, “समझौता काफ़ी जल्दी हो सकता है.”
संभावित अमेरिकी ज़मीनी हमले को लेकर ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाग़र ग़ालिबाफ़ ने कहा कि ईरानी सेनाएं “अमेरिकी सैनिकों के ज़मीन पर उतरने का इंतज़ार कर रही हैं, ताकि उन पर आग बरसाई जा सके.”
ईरान के ख़ातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोलफाग़री ने भी चेतावनी दी है कि ईरानी सशस्त्र बल क्षेत्र में मौजूद अमेरिका और इसराइल के ‘कमांडरों और राजनीतिक अधिकारियों के घरों’ को निशाना बना सकते हैं.
ख़ातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ईरान की सर्वोच्च ऑपरेशनल कमान इकाई है, जो देश की सेना की गतिविधियों में तालमेल करती है.