ग्वालियर 11 अप्रैल 2026/पूर्व विधायक, पूर्व महापौर स्व. माधव शंकर इन्दापुरकर की 12 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर स्मृति सभा का आयोजन महाराज बाड़े पर स्थित भाजपा कार्यालय मुखर्जी भवन पर किया गया।
ऋषि शब्द कि व्याख्या करते हुऐ प्रदेश के मन्त्री लोकेन्द्र पाराशर ने कहा कि मन्त्र और उसकी सिद्धि कर ऋषित्व को प्राप्त किया जाता है अप्पा ने भी भाजपा के मूल मन्त्रो का आत्मसात कर अपने कृतित्व से सिद्ध किया था.
पूर्व सांसद, महापौर विवेक नारायण शेजवलकर ने कहा कि ऐसा लगता ही नहीं कि आज अप्पा जी हमारे बीच नहीं है, वह हम सभी को परिवार के सदस्य की तरह मानते थे, उनका लंबा राजनैतिक जीवन आदर्श के रूप में जाना जाता है महापौर के रूप में उनका कार्यकाल अविस्मरणीय रहा, वे एक आदर्श प्रशासक के साथ एक अच्छे शिक्षक भी रहे.
उनके एक संस्मरण को याद करते हुऐ उन्होंने कहा कि जब अप्पा जी को लोकसभा का टिकिट पार्टी ने स्व. माधवराव सिंधिया के विरुद्ध दिया और पार्टी के नेतृत्व द्वारा नाम वापिस लेने के आग्रह पर बगैर किसी संकोच के सादगी के साथ अपना नाम वापिस ले लिया जिस पर कुछ तत्कालीन कार्यकर्तागण नाराज भी हुए पर अप्पा ने सभी को समझाते हुए पार्टी के निर्णय को सर्वोपरि बताया और सभी को अनुशासन का पाठ याद दिलाया.

यह रहे मंचासीन
विवेक नारायण शेजवलेकर, यशवंत इंदापुरकर, ध्यानेंद्र सिंह, लोकेन्द्र पाराशर, कमल माखीजानी, अभय चौधरी, देवेश शर्मा,प्रेम सिंह, मुन्नालाल गोयल, मनोज तोमर. धर्मेंद्र बिट्टू तोमर, जवाहर प्रजापति,
मंच संचालन राजू पलैया ने किया कार्यक्रम में अशोक शर्मा, लालजी जादौन, नीलिमा शिंदे, सुमन शर्मा,मोहन विटवेकर, डॉ नितेश शर्मा,समीक्षा गुप्ता, राकेश गुप्ता, राजू सेंगर, नवीन परांडे, सुसेंन्द्र परिहार, पारस जैन, घनश्याम गुप्ता, चन्दन पटेल, जीतेन्द्र गुर्जर, राजू सेठ, मुलायम सिंह, सुरेंद्र शर्मा, मुरारी मित्तल, मनोज भार्गव,संतोष गोडयाले, अजय तिवारी, संजीव पोतनिस, अनिल सांखला, मोहित जाट, धर्मेन्द्र कुशवाह, राघवेंद्र कुशवाह, व्यंजना मिश्रा, संतोष राजोरिया, नूतन श्रीवास्तव, के साथ सैंकड़ो कार्यकर्तागण उपस्थित रहे.