भोपाल 26 जून 2026/भोपाल के रवींद्र भवन में शुक्रवार को आयोजित लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आपातकाल के दौरान जेल जाने वाले मीसाबंदियों और लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान में कई बड़ी घोषणाएं कीं। इस सम्मेलन में प्रदेशभर से करीब दो हजार लोकतंत्र सेनानी और उनके परिजन शामिल हुए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे कठिन दौर था और उस समय लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वालों का योगदान देश कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों की लड़ाई देश की दूसरी स्वतंत्रता संग्राम जैसी थी।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि संविधान का सबसे अधिक दुरुपयोग आपातकाल के दौरान हुआ और उस समय लोगों को बिना सुनवाई जेल भेज दिया जाता था।
यह सम्मेलन लोकतंत्र सेनानी संघ द्वारा आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में आपातकाल (1975-77) से जुड़ी प्रदर्शनी लगाई गई और एक लघु फिल्म भी दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ लोकतंत्र सेनानियों का शॉल और श्रीफल देकर सम्मान किया।
मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए कई सुविधाओं की घोषणा की, जिनमें शामिल हैं:
लोकतंत्र सेनानियों के लिए विशेष तीर्थयात्रा ट्रेन चलाई जाएगी।
प्रदेश के सर्किट हाउस और रेस्ट हाउस में दो दिन तक निःशुल्क ठहरने की सुविधा मिलेगी।
लोकतंत्र सेनानियों के नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था की जाएगी।
जरूरत पड़ने पर एयर एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
जिन लोगों को अभी तक ताम्रपत्र नहीं मिला है, वे आवेदन कर इसे प्राप्त कर सकेंगे।
दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों के नाम पर सड़क, पार्क, भवन और खेल मैदानों का नामकरण किया जाएगा।
कार्यक्रम में कौन-कौन मौजूद रहा?
सम्मेलन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी , उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा , पूर्व सांसद कैलाश सोनी सहित कई भाजपा नेता और लोकतंत्र सेनानी मौजूद रहे।
यह कार्यक्रम आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया। भाजपा इसे “लोकतंत्र रक्षा दिवस” के रूप में प्रस्तुत कर रही है, जबकि कांग्रेस और भाजपा के बीच आपातकाल और लोकतंत्र के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।