कानपुर 15 जुलाई/ 20 पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन खराब होने की जोरदार बहस के बीच पुरानी गाड़ियों के इंजन को नुकसान पहुंचाता IIT कानपुर के रिसर्चर्स ने दावा किया कि उनकी स्टडी में फ्यूल एफिशिएंसी में कोई खास कमी नहीं पाई गई। ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि E20 मौजूदा या पुरानी गाड़ियों के इंजन को नुकसान पहुंचाता है। देश भर में 20 फीसदी इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल (E20) को लागू करने को लेकर चिंताओं के बीच यह बात कही गई है।
आईआईटी-कानपुर की स्टडी में यह दावा
देशभर में 20 फीसदी इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल (E20) को लागू करने को लेकर चिंताओं के बीच IIT कानपुर के रिसर्चर्स ने मंगलवार को दावा किया कि उनकी स्टडी में फ्यूल एफिशिएंसी में कोई खास कमी नहीं पाई गई। ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि E20 मौजूदा या पुरानी गाड़ियों के इंजन को नुकसान पहुंचाता है।
ये नतीजे पिछले हफ्ते ऑयल मिनिस्ट्री की उस सफाई के बाद आए हैं जिसमें कहा गया था कि E20 कुछ गाड़ियों में माइलेज को 5 फीसदी तक कम कर सकता है। लेकिन, इसके कई फायदे हैं जो इस कमी से कहीं ज्यादा हैं। जैसे कि लाइफसाइकिल के दौरान कार्बन उत्सर्जन में कमी।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) कानपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की इंजन रिसर्च लैबोरेटरी के प्रोजेक्ट साइंटिस्ट ध्रुव राज करणा ने दावा किया कि इंस्टीट्यूट में की गई रिसर्च के अनुसार, E20 फ्यूल से फ्यूल एफिशिएंसी में 5 फीसदी से कम की कमी आती है।
उन्होंने बताया कि 5 फीसदी तक की यह कमी फ्यूल के अलावा दूसरे कारणों से भी हो सकती है। अगर शुद्ध पेट्रोल के साथ लगातार टेस्ट किए जाएं तो भी ऐसे ही नतीजे मिल सकते हैं।
करणा ने आगे कहा कि बड़े पैमाने पर की गई टेस्टिंग से पता चला है कि E20 से इंजन को नुकसान, जंग या दूसरी तकनीकी समस्याएं नहीं होती हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया पर E20 से गाड़ियों को नुकसान पहुंचने के दावों को वैज्ञानिक रूप से बेबुनियाद बताया। गाड़ी मालिकों को सलाह दी कि वे बिना पुष्टि वाली ऑनलाइन पोस्ट के बजाय अपनी गाड़ी बनाने वाली कंपनी के मैनुअल और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की गाइडलाइंस पर भरोसा करें।
E85 फ्यूल का भी सफलतापूर्वक टेस्ट
करणा ने न्यूज एजेंसी PTI को यह भी बताया कि IIT-कानपुर की इंजन रिसर्च लैबोरेटरी, जिसके हेड प्रोफेसर अविनाश कुमार अग्रवाल हैं, इथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल पर बड़े पैमाने पर रिसर्च कर रही है।
टीम ने E85 फ्यूल का भी सफलतापूर्वक टेस्ट किया है। इसमें 85 फीसदी इथेनॉल होता है। हालांकि, इतने ज्यादा मिश्रण के लिए खास तौर पर डिजाइन किए गए इंजन और कम्पैटिबल फ्यूल सिस्टम की जरूरत होती है।