फीफा वर्ल्ड कप 2026 अपने अंतिम पड़ाव पर है, आज हमें स्पेन के रूप में पहली फाइनलिस्ट मिल गई. स्पेन ने सेमीफाइनल में फ्रांस को 2-0 से रौंदा. स्पेन के तगड़े डिफेंड को किलियन एम्बाप्पे भी नहीं भेद पाए, 3 मौके उन्होंने बनाए लेकिन हर बार निराशा हाथ लगी. अब स्पेन फाइनल में इंग्लैंड या अर्जेंटीना से भिड़ेगी, इन दोनों के बीच दूसरा सेमीफाइनल आज रात 12:30 बजे से है. अगर Lionel Messi की अर्जेंटीना फाइनल में पहुंच गई, तो भी खिताब की प्रबल दावेदार स्पेन रहेगी और फेवरेट भी, जानिए क्यों?
पहले सेमीफाइनल की बात करें तो स्पेन के लिए पहला गोल मिकल ओरजायबेल ने 22वें मिनट में मारा, ये पेनल्टी थी. एल डिगने ने लामिन यमाल को ‘डी’ में किक मारी, जिसे फ़ाउल दिया गया. इस पर मिकल ने पेनल्टी ली. गोल दागने के बाद पहले हाफ में स्पेन का दबदबा बना रहा. 35वें मिनट में बरकोला ने गोलपोस्ट पर निशाना बनाया था, हालांकि गेंद ऊपर से निकल गई. 37वें मिनट में फिर स्पेन ने गोल का बेहतरीन मौका बनाया, जिसमें उनके खिलाड़ियों का गजब का तालमेल दिखा लेकिन गोल से चूक गए.
पूरे वर्ल्ड कप स्पेन के खिलाफ सिर्फ 1 गोल
स्पेन इस वर्ल्ड कप में कितना शानदार खेली है, उसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हो कि पूरे टूर्नामेंट में उनके खिलाफ सिर्फ 1 ही गोल हुआ है. पुर्तगाल, फ्रांस, उरुग्वे जैसी टीमें भी उनके खिलाफ एक गोल न कर सकी. स्पेन का डिफेंड इस बार काफी तगड़ा नजर आ रहा है, जो उनकी सफलता का अहम पहलू रहा है. स्पेन के खिलाफ इस वर्ल्ड कप सिर्फ बेल्जियम एक गोल कर पाई थी, उस क्वार्टर फाइनल को स्पेन ने 2-1 से जीता था.
स्पेन की तगड़ी डिफेंड के कारण किलियन एम्बाप्पे दूसरे हाफ में एक अच्छे मौके को गोल में नहीं बदल पाए. पैड्रो पोरो ने एम्बाप्पे को फंसा लिया, नहीं तो वह गोल के करीब आ गए थे और पोरो अकेले उन्हें टैकल कर रहे थे.
स्पेन की डिफेंड का दबाव विरोधी टीम पर साफ नजर आ रहा है. किलियन एम्बाप्पे जैसा खतरनाक प्लेयर सेमीफाइनल में गोल मारना तो दूर, गोलपोस्ट पर निशाना भी नहीं दाग पा रहे थे. 88वें मिनट में उन्होंने डी के करीब से फ्री किक ली, जो गोलपोस्ट के काफी ऊपर से निकल गई और गोलकीपर को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी.