ग्वालियर 22 जुलाई 2026/ग्वालियर। शहर के युवा अभिनेता सारांश भारद्वाज एक बार फिर अपनी अभिनय प्रतिभा से दर्शकों का दिल जीत रहे हैं। इन दिनों वे चर्चित धारावाहिक “मुसद्दी की बेटी चली ऑफिस ऑफिस” में अपनी प्रभावशाली भूमिका के कारण सुर्खियों में हैं। यह धारावाहिक डीडी नेशनल और वेव्स ओटीटी पर प्रसारित हो रहा है। ग्वालियर से निकलकर मायानगरी मुंबई तक का उनका सफर संघर्ष, मेहनत और निरंतर अभ्यास का परिणाम माना जा रहा है।
सारांश भारद्वाज ने ग्वालियर के राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय से थिएटर एंड ड्रामा में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अभिनय के क्षेत्र में अपना करियर बनाने के उद्देश्य से मुंबई का रुख किया। वर्षों के संघर्ष और निरंतर मेहनत के बाद आज वे टीवी, फिल्मों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी अलग पहचान स्थापित कर चुके हैं।
मुंबई पहुंचने से पहले सारांश ने ग्वालियर और देश के विभिन्न शहरों में लगभग 8 वर्षों तक रंगमंच को समर्पित रहते हुए 50 से अधिक नाटकों में अभिनय किया। उन्होंने ओडिपस (Oedipus), मैकबेथ (Macbeth), द चेरी ऑर्चर्ड (The Cherry Orchard) जैसे विश्वप्रसिद्ध नाटकों के साथ-साथ बुंदेलखंडी लोकनाट्य ‘स्वांग’ तथा संस्कृत नाटकों उत्तररामचरितम्, मालती-माधव और भगवदज्जुकीयम् में भी उल्लेखनीय अभिनय किया। रंगमंच पर उनकी मजबूत पकड़ ने उन्हें अभिनय की गहराई और विविधता प्रदान की।
सारांश भारद्वाज इससे पहले भी कई चर्चित टीवी कार्यक्रमों और धारावाहिकों में अपनी अभिनय क्षमता का परिचय दे चुके हैं। उन्होंने ‘द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज 2’, ‘द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैंपियन 2’, ‘छोटे मियां’, ‘छोटे मियां बड़े मियां’ जैसे लोकप्रिय कार्यक्रमों में कार्य किया। इसके अलावा वे फिल्म ‘लुका छुपी’ का भी हिस्सा रह चुके हैं।
धारावाहिकों की बात करें तो सरांश ‘पल पल दिल के पास’, ‘परशुराम 2’, ‘बिटिया रानी’, ‘उड़ने की आशा’ तथा जियो हॉटस्टार की एक वर्टिकल सीरीज़ में भी अभिनय कर चुके हैं। अब “मुसद्दी की बेटी चली ऑफिस ऑफिस” के माध्यम से वे एक बार फिर दर्शकों के बीच अपनी अलग छाप छोड़ रहे हैं।
ग्वालियर के कला प्रेमियों और रंगकर्मियों का मानना है कि सारांश भारद्वाज की उपलब्धियां शहर के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि यदि प्रतिभा के साथ समर्पण और निरंतर प्रयास हो, तो छोटे शहर से निकलकर भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई जा सकती है। आज सारांश भारद्वाज न केवल मुंबई में ग्वालियर का नाम रोशन कर रहे हैं, बल्कि नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनकर उभर रहे हैं।