नई दिल्ली 24जुलाई 2026/जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अनशन तोड़ चुके हैं और उन्होंने शुक्रवार को इसकी वजह भी बता दी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज नहीं करने और नीट पेपर लीक में खुदकुशी करने वाले पीड़ितों के लिए मुआवजा दिए जाने पर सहमति जता दी है। हालांकि, उन्होंने बताया है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सरकार ने कोई तत्काल आश्वासन नहीं दिया है।
उन्होंने बताया है कि सरकार दिल्ली में जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों पर केस दर्ज नहीं करने के लिए तैयार है। साथ ही उन लोगों पर केस नहीं होगा, जो 20 जुलाई को मार्च में शामिल हुए थे। साथ ही सरकार ने संसद में पेपर लीक और शिक्षा सुधारों पर चर्चा का आश्वासन पहले ही दे दिया है। इसके अलावा सरकार हाल ही में हुए नीट पेपर लीक में सुसाइड करने वालों के परिवार को उचित मुआवजा देने पर भी विचार कर रही है।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होगा या नहीं?
वांगचुक ने कहा, ‘अब आप कहेंगे जरूर कि धर्मेंद्र प्रधान जी के इस्तीफे पर क्या हुआ? पहली बात तो इस बात पे वो अभी मुझे कोई आश्वासन नहीं दे पा रहे थे कि ऐसा कब होगा। और संसद के अह फर्श पर तो इस पर चर्चा होगी ही। अब मेरे सामने दो रास्ते थे। या तो मैं और अनशन पर बैठूं हफ्तों और शायद उसी में खत्म हो जाऊं। फिर आप ही लोगों में से हजारों लोगों ने मुझे आज से दो-तीन हफ्ते पहले से कहते आए हैं कि आपकी जान जरूरी है। आपको संघर्ष आगे रखना है। जिंदा रहना जरूरी है।’