प्रवीण दुबे
दतिया उपचुनाव: कुछ घंटों में होगा फैसला, भाजपा-कांग्रेस दोनों की बढ़ी धड़कनें
दतिया 2 अगस्त 2026/दतिया विधानसभा उपचुनाव के परिणाम आने में अब कुछ ही घंटे शेष हैं। इसके साथ ही भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेताओं तथा समर्थकों की धड़कनें तेज हो गई हैं। चुनाव परिणाम को लेकर दोनों ही दल अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं, लेकिन अंतिम फैसला अब मतगणना के बाद ही सामने आएगा।
इस उपचुनाव में सत्ताधारी भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह सहित अनेक वरिष्ठ नेताओं ने लगातार चुनाव प्रचार किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा नेतृत्व ने इस चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ लिया था। ऐसे में यदि परिणाम भाजपा के पक्ष में आता है तो इसे शीर्ष नेतृत्व की रणनीति और मेहनत की सफलता माना जाएगा, जबकि विपरीत परिणाम आने पर विपक्ष को भाजपा पर राजनीतिक हमला करने का अवसर मिल सकता है।
भाजपा की चिंता का एक बड़ा कारण अपेक्षाकृत कम मतदान प्रतिशत भी माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों की कथित उदासीनता के कारण अपेक्षित मतदान नहीं हो सका। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यदि यह आकलन सही साबित होता है तो इसका असर चुनाव परिणाम पर पड़ सकता है।
इसके अलावा चुनाव के दौरान कांग्रेस के संभावित वोट कटुआ माने जा रहे दामोदर यादव के अंतिम चरण में अपेक्षाकृत निष्क्रिय होने को लेकर भी चर्चाएं हैं। कुछ जानकारों का मानना है कि उनके संभावित वोट कांग्रेस की ओर स्थानांतरित हुए होंगे। यदि ऐसा हुआ है तो यह समीकरण भाजपा के लिए चुनौती बन सकता है।
वहीं कांग्रेस की स्थिति भी पूरी तरह सहज नहीं दिखाई देती। चुनाव के बाद कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के बीच सामने आई कथित अंतर्कलह को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि संगठन के भीतर असंतोष या भीतरघात हुआ है तो इसका नुकसान कांग्रेस को उठाना पड़ सकता है। साथ ही, कई बड़े कांग्रेस नेताओं की चुनाव प्रचार में अपेक्षाकृत कम सक्रियता को भी पार्टी के लिए नुकसानदेह माना जा रहा है।
फिलहाल दोनों दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। अब सबकी निगाहें मतगणना पर टिकी हैं। आज की रात दोनों प्रमुख प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के लिए बेचैनी भरी रहने वाली है। दतिया की जनता ने अपना फैसला ईवीएम में सुरक्षित कर दिया है और कुछ ही घंटों बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि प्रतिष्ठा की इस लड़ाई में जीत का ताज किसके सिर सजेगा।