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राष्ट्रीय अध्यक्ष की विधानसभा से भी भाजपा हार की ओर उपचुनाव की तीन सीटों में से दो पर पीछे

नई दिल्ली 3 अगस्त 2026/भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की सीट से ही भाजपा को लगने जा रहा बड़ा झटका अब पार्टी के नीति निर्धारकों के लिए बड़ा सिरदर्द बनने जा रहा है यहां से प्रशांत किशोर ने पहले ही चुनाव में तगड़ा प्रदर्शन करते हुए वह 9 राउंड की गिनती के बाद भारतीय जनता पार्टी से बड़े अंतर से  बढ़त बना ली है। इसके अलावा इसके अलावा मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर भी बीजेपी पीछे चल रही है यहां से भी मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित मध्यप्रदेश की पूरी भाजपा  ने अपनी ताकत झोंक दी थी। केवल गुजरात की मांजलपुर सीट पर बीजेपी के सतीश पटेल की जीत तय मानी जा रही है

सोमवार को बिहार, गुजरात और मध्य प्रदेश की एक-एक सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे घोषित होना जारी है। इनमें बांकीपुर, दतिया और मांजलपुर शामिल है।

शहरी सीट पर हुए उपचुनाव में क़रीब 35 फ़ीसदी वोटिंग हुई थी. साल 2025 के विधानसभा चुनाव में यहाँ 41.35% मतदान हुआ था. तब बीजेपी के नितिन नबीन ने आरजेडी की रेखा गुप्ता को क़रीब 52 हज़ार मतों से हराया था.

इस सीट से बीजेपी ने नीरज कुमार, जन सुराज पार्टी ने प्रशांत किशोर और आरजेडी ने रेखा गुप्ता को मैदान में उतारा था. प्रशांत किशोर के चुनाव में उतरने से यह सीट हाई प्रोफ़ाइल हो गई.

भाजपा के गढ़ में प्रशांत किशोर ने दी चुनौती

बांकीपुर सीट से बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन विधायक थे. उन्हें पार्टी ने अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया. राज्यसभा के लिए सांसद चुने जाने के बाद उन्होंने इस सीट से इस्तीफ़ा दे दिया था.

पांच जुलाई को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने प्रशांत किशोर की उम्मीदवारी की घोषणा की थी. जिसके बाद यह यह हाई प्रोफ़ाइल मुक़ाबले में बदल गई.

इससे पहले नवंबर 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज पार्टी ने अधिकांश सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे लेकिन प्रशांत किशोर ने अंतिम समय में चुनाव में उतरने से मना कर दिया था.

उन्होंने कहा था कि ‘यह उनकी पार्टी का फ़ैसला था कि बाकी सीटों पर ध्यान देना ज़रूरी है.’

बांकीपुर से चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद उन्होंने कहा था, “मैं बांकीपुर उपचुनाव लड़ने की ज़िम्मेदारी को उसी लक्ष्य की तरफ एक कदम मानता हूं. नवंबर 2025 में हज़ारों और लाखों लोग जन सुराज के विचारों और प्रयासों से जुड़े थे. अगर हम जीते तो इससे न सिर्फ़ यह आंदोलन मजबूत होगा, बल्कि बिहार में बदलाव की सोच को भी नई ताक़त मिलेगी.”

जन सुराज पार्टी साल 2025 के चुनाव में अपना खाता तक नहीं खोल पाई थी. पार्टी का प्रदर्शन इतना ख़राब रहा कि उसके 238 में से 236 उम्मीदवार अपनी ज़मानत तक नहीं बचा पाए.

बीजेपी ने अंतिम समय में बदला था उम्मीदवार

इस सीट पर बीजेपी की ओर से घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा ने अंतिम समय में पारिवारिक कारण बताते हुए 10 जुलाई को अपना नामांकन वापस ले लिया था.

जबकि कुछ घंटे पहले तक बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बांकीपुर में अभिषेक कुमार के लिए लोगों से वोट मांग रहे थे. इसके बाद पार्टी ने नीरज कुमार सिन्हा को अपना उम्मीदवार घोषित किया. नीरज साल 2006 से बीजेपी के सदस्य हैं और दो बार मंडल अध्यक्ष रहे हैं.

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रशांत किशोर का कहना था कि जनता के पास अब विकल्प आ गया है तो बीजेपी को अब उम्मीदवार नहीं मिल रहा है.

 

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