नई दिल्ली 12 सितंबर 2026/चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंच गए हैं. जिनपिंग का विमान दिल्ली के पालम एयरबेस पर लैंड हुआ.
समिट में 11 देशों के नेता शामिल होंगे. इसमें मेज़बान भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ़्रीका, चीन, रूस, ब्राज़ील, ईरान और यूएई शामिल हैं.
वहीं सऊदी अरब भी आमंत्रित सदस्य के तौर पर इसमें शामिल होगा. ये देश कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे, लेकिन इन सभी मुद्दों में राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों का असर सबसे अहम हो सकता है.
ईरान जंग और अमेरिका की ओर से लगाए जाने वाले टैरिफ़ के ख़तरे ने अमेरिका के दुश्मन देशों और उसके सहयोगी देशों के लिए, दुनिया के ग्लोबल एनर्जी मार्केट को अस्थिर कर दिया. इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था के भविष्य को लेकर भी लगातार अनिश्चितता बनी हुई है.
शी जिनपिंग इससे पहले 2019 में भारत आए थे. उस दौरान चेन्नई के पास मामल्लापुरम में दोनों देशों के नेताओं के बीच अनौपचारिक शिखर वार्ता हुई थी.
इस बीच, भारत में चीन के राजदूत शू फ़ेहोंग ने शुक्रवार देर रात एक्स पर लिखा कि चीन और भारत राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक की तैयारियों में जुटे हैं.
जिनपिंग के पहुंचने से ठीक पहले ‘चाइना सदर्न एयरलाइंस’ ने छह साल बाद भारत और चीन के बीच सीधी उड़ान सेवा फिर शुरू करने का एलान किया.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, एयरलाइन ने शनिवार को बताया कि 21 सितंबर से ग्वांगझोउ और नई दिल्ली के बीच उड़ानें फिर शुरू होंगी.