राजस्थान में जीका वायरस की चपेट में आये 50 मरीजों की जानकारी सामने आने के बाद राजस्थान से लगे मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों में हड़कम्प मच गया है। हालांकि अभी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है बावजूद इसके मध्यप्रदेश के राजस्थान बॉर्डर से जुड़े सभी संभागों में अलर्ट जारी किया गया है वहीं उज्जैन और ग्वालियर चंबल संभाग में विशेष अलर्ट घोषित किया गया है।इसके अलावा रीजनल ज्वाइंट डायरेक्टर्स को निर्देश भी जारी किए गए हैं।वही राजस्थान से आने वाले सभी मरीज़ों की ज़ीका वायरस की जांच की जा रही है। बता दें कि मध्य प्रदेश में भोपाल स्थित एम्स में ज़ीका वायरस की जांच होती है।
राजस्थान के बाद जीका वायरस ने अन्य राज्यों में भी अपने पैर पसारना शुरु कर दिए है। राजस्थान में अबतक 50 से ज्यादा लोग इसकी चपेट मे आ चुके है। राज्य सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी किया हुआ है और लोगों से सावधानी रखने की अपील की जा रही है। लगातार बढ़ रहे प्रकोप को देखते हुए राजस्थान से सटे राज्यों में हाईअलर्ट जारी किया गया जा रहा है।
दरअसल, जीका विषाणु जनित रोग दुनिया भर के 86 देशों में दर्ज किया गया है। भारत में जनवरी और फरवरी 2017 में पहली बार इसके प्रसार की पुष्टि अहमदाबाद में हुई थी। इसके बाद तमिलनाडु में भी इसकी पुष्टि हुई थी।डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की तरह ही जीका एक बड़ी जन-स्वास्थ्य समस्या है, जीका वायरस से संक्रमित कई लोग खुद को बीमार महसूस नहीं करते। अगर मच्छर किसी संक्रमित व्यक्ति को काटता है, जिसके खून में वायरस मौजूद हैं, तो यह किसी अन्य व्यक्ति को काटकर वायरस फैला सकता है।
ऐसे फैलता है जीका वायरस
जीका वायरस एक तरह के एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर दिन में सक्रिय होते हैं। खासतौर पर ये मच्छर दिन के दौरान, सुबह बहुत जल्दी और सूर्यास्त से कुछ घंटे पहले काटते हैं। वायरस संक्रमित महिला के गर्भ में फैल सकता है और शिशुओं में माइक्रोसिफेली और अन्य गंभीर मस्तिष्क रोगों का कारण बन सकता है। वयस्कों में यह गुलैन-बैरे सिंड्रोम का कारण बन सकता है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली नसों पर हमला करती है, जिससे कई जटिलताओं की शुरुआत होती है। मच्छरों के अलावा असुरक्षित शारीरिक संबंध और संक्रमित खून से भी जीका बुखार या वायरस फैलता है।
जीका वायरस के लक्षण
जीका वायरस के लक्षणों को पहचान पाना मुश्किल है। तकरीबन संक्रमण से ग्रस्त हर 5 में से 1 ही व्यक्ति के लक्षणों की पहचान हो पाती है। लक्षणों में कुछ ये लक्षण ये हैं-
– जोड़ों में दर्द
– लाल आंखें
– जी मिचलाना या उल्टी आना
– बेचैनी महसूस होना