ग्वालियर की भितरवार विधानसभा सीट से पिछला विधानसभा चुनाव हारकर फिर मुरैना से सांसदी का विजयी परचम लहराने वाले भाजपा के तेजतर्रार नेता व पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी के भांजे अनूप मिश्रा को लेकर चर्चाओं का बाजार लम्बे समय से सरगर्म है। अब जबकि विधानसभा चुनाव सर पर हैं यह कहा जा रहा है कि सांसदी छोड़ मिश्रा विधानसभा का चुनाव लड़ने का मन बना चुके हैं,लेकिन लाख टके का सवाल यह है कि भाजपा अपने इस फायर ब्रांड कद्दावर नेता को आखिर किस विधानसभा सीट से मैदान में उतारेगी ?
एक समय था जब मध्यप्रदेश की राजनीति में अनूप मिश्रा के नाम की तूती बोला करती थी, 2003 से पहले भाजपा भले ही मध्यप्रदेश की सत्ता से बाहर थी लेकिन विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में अनूप मिश्रा का जलवा बरकरार था। 2003 में भाजपा जब सत्ता में आई तो मिश्रा मुख्यमंत्री के बाद नम्बर दो के सबसे वजनदार केबिनेट मंत्री के रूप में स्थापित थे।
इसी दबदबे के साथ अनूप ने लश्कर दक्षिण, लश्कर पूर्व से विजयी परचम लहराकर अपना दबदबा लगातर और बढ़ाया।
हर चुनाव में अपनी सीट बदलने वाले अनूप मिश्रा की इस आदत का उनके राजनीतिक विरोधियों ने बड़ी चतुराई से फायदा उठाया और उन्हें भितरवार सीट पर ऐसा घेरा की अनूप चुनाव हारकर मध्यप्रदेश की राजनीति से बाहर हो गए हालांकि भाजपा के इस कद्दावर नेता ने अपने विरोधियों की उस साजिश को सफल नहीं होने दिया जिसमें अनूप का राजनीतिक कैरियर खत्म करने का षडयंत्र निहित था, मिश्रा ने मुरैना से लोकसभा चुनाव में उन्हें घेरने के सारे पांसे बड़ी चतुराई से उलट दिए और चुनाव में जीत हांसिल की।
इसके बावजूद मध्यप्रदेश की सत्ता से वे दूर हो गए और अलग थलग पड़ गए,केंद्र में भी अटलजी की सक्रीयता समाप्त होने व मध्यप्रदेश के ही अनूप विरोधी नेता का वर्चस्व मोदी केबिनेट में बढ़ने से अनूप मिश्रा की परेशानियां लगातार बढ़ती चली गईं।
अब जो संकेत मिल रहे हैं अनूप मिश्रा ने मध्यप्रदेश की राजनीति में अपनी खोई साख पुनः प्राप्त करने के लिए विधानसभा चुनाव में उतरने का मन बना लिया है। चूंकि वर्तमान समय में मध्यप्रदेश भाजपा को एक प्रभावी ब्राह्मण नेता की तलाश है अतः पार्टी श्री मिश्रा को चुनाव मैदान में उतारने का मन बनाती दिख रही है। बावजूद इसके श्री मिश्रा का विरोधी पक्ष उन्हें रोकने के लिए कोई कोर कसर छोड़ते दिखाई नहीं दे रहे हैं।
यही वजह है कि अब जबकि चुनाव बिल्कुल नजदीक आ चुका है अनूप मिश्रा कहां से मैदान में उतरेंगे इसको लेकर लगातार संशय बरकरार है। सूत्रों के मुताबिक श्री मिश्रा लश्कर पूर्व से चुनाव लड़ने की इच्छा रखते हैं लेकिन लश्कर पूर्व मध्यप्रदेश की केबिनेट मंत्री तथा जयविलास से सम्बंधित मायासिंह का चुनाव क्षेत्र होने से पार्टी यहाँ से अनूप को टिकिट देने में कतरा रही है, दक्षिण से कुशवाह उम्मीदवार नारायण सिंह जो कि मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री है तथा लगातार तीन चुनाव जीत चुके हैं का टिकट कटना मुश्किल नजर आता है। अतः यहां से भी अनूप को मैदान में उतारने की संभावना कम है।उधर भितरवार से श्री मिश्रा पिछला चुनाव हारे थे,इसबार भी कमोवेश यहां वैसे ही चुनावी समीकरण दिखने से अनूप को टिकट मिलने की उम्मीद कम है। इस सारे संशय के बीच आज अनूप को विजयपुर से उतारने की खबर भी सुर्खियों में है इसके पीछे यह तर्क दिया जा रहा है कि पार्टी के पास यहां से कोई मजबूत प्रत्याशी नहीं होने से अनूप को यहां से उतारने पर विचार चल रहा है। फिलहाल तो यह कद्दावर नेता कहां से ताल ठोंकने वाला है यह किसी को नहीं मालूम देखना दिलचस्प होगा पार्टी श्री मिश्रा को मैदान में कहां से उतारती है या फिर मिश्रा विरोधी उन्हें एकबार फिर विधानसभा में न पहुंचने देने की अपनी रणनीति में कामयाब हो जाते हैं।