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Breaking :भाजपा अंतिम समय में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी का नाम वापस ले सकती है

 विधानसभा अध्यक्ष पद को लेकर भाजपा ने भले ही विजय शाह को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है लेकिन पार्टी के भीतर से छनकर आ रही जानकारी से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि अंतिम समय पर भाजपा अपने प्रत्याशी का पर्चा वापस ले सकती है ,हालांकि पार्टी के किसी भी नेता ने अभी इस खबर की पुष्टि नहीं की है। सूत्रों की माने तो भाजपा नेता भले ही अध्यक्ष पद हेतु प्रत्याशी खड़ा करने के पीछे यह दलील दे रहे हैं कि कांग्रेस द्वारा प्रोटेम स्पीकर मामले में परम्परा का उल्लंघन किया गया है इस कारण भाजपा ने भी परम्परा को तोड़ते हुए विधानसभा अध्यक्ष पद हेतु प्रत्याशी मैदान में उतारा है ,लेकिन सच तो कुछ ओर ही है । सूत्रों के मुताबिक भाजपा को ऐसा विश्वास है कि कांग्रेस के तमाम नाराज विधायक सहित निर्दलीय ,बसपा व सपा विधायक को भाजपा अपनी तरफ करने में कामयाब हो जाएगी । यदि ऐसा होता है तो विधानसभा अध्यक्ष पद पर कांग्रेस हार जाएगी। यही कारण है कि भाजपा ने अपना प्रत्याशी मैदान में उतार दिया है। लेकिन समाचार लिखे जाने तक भाजपा जो सोच रही थी वैसा होता नहीं दिख रहा है। फिलहाल कांग्रेस  बसपा निर्दलीय व सपा विधायक कांग्रेस के पक्ष में एकजुट दिखाई दे रहे है।
सूत्रों का कहना है कि अब जो जानकारी भाजपा के भीतर से आ रही है उसके मुताबिक अपने मकसद मैं नाकामयाब दिखती भजपा अंतिम समय में अपने प्रत्याशी विजय शाह का पर्चा वापस लेने का मन बनाती दिख रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि यदि भाजपा ने ऐसा नहीं किया तो अध्यक्ष के साथ उपाध्यक्ष पद भी उससे छिन जाएगा। क्योंकि कांग्रेस पहले ही धमकी दे चुकी है कि भाजपा यदि अध्यक्ष पद पर अपना प्रत्याशी लड़ाएगी तो उपाध्यक्ष पर कांग्रेस भी प्रत्याशी उतारेगी।
 भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद  राकेश सिंह ने कांग्रेस पर लगाया आरोप
प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही लोकतांत्रिक परंपराओं को तोड़ने का काम किया है। इस बात की भी बहुत अधिक आशंका है कि विधानसभा में भी कांग्रेस का आचरण ऐसा ही रहे। इसीलिए भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए अपना उम्मीदवार उतारने का फैसला किया। यह बात सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री राकेश सिंह ने मीडिया से चर्चा करते हुए कही।

प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश सिंह ने कहा कि देश में लोकतंत्र नियम और परंपराओं दोनों से ही चलता है। मध्यप्रदेश में भी परंपराओं का एक गौरवशाली इतिहास रहा है, लेकिन कांग्रेस की सरकार ने सत्ता में आते ही पहले दिन से स्थापित परंपराओं को तोड़ने का काम किया है। चाहे वह वंदेमातरम् का गायन हो या फिर विधानसभा के भीतर प्रोटेम स्पीकर का चयन। कांग्रेस सरकार ने दोनों ही मामलों में स्थापित परंपराओं को तोड़ा है। अब तक परंपरा यह रही है कि सबसे वरिष्ठ विधायक को प्रोटेम स्पीकार बनाया जाता है। उसमें यह भी नहीं देखा जाता कि वह विधायक किस दल का है।
मुख्यमंत्री कमलनाथ भी सीनियर मोस्ट सांसद होने के कारण लोकसभा में प्रोटेम स्पीकर बन चुके हैं। लेकिन मध्यप्रदेश में इस परंपरा का पालन नहीं किया गया। इसलिए भारतीय जनता पार्टी ने तय किया है कि हम मध्यप्रदेश विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व मंत्री व विधायक श्री विजय शाह विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार होंगे। श्री सिंह ने कहा कि पार्टी ने श्री शाह को चुनाव लड़ाने का फैसला किया है और उनका नामांकन भी जमा करा दिया गया है। हम पूरी ताकत से यह चुनाव लड़ेंगे।
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