प्रवीण दुबे
शरद पवार और सुप्रिया सुले की NDA में भूमिका को लेकर सियासी हलचल, कृषि मंत्रालय पर दावेदारी की चर्चा के बीच शिवराज सिंह के भविष्य को लेकर उठे सवाल
भोपाल/नई दिल्ली 5 नवंबर 2026/केन्द्र की राजनीति में तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के राजनीतिक भविष्य को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में इस बात की जोरदार चर्चा है कि यदि एनसीपी नेता शरद पवार और उनकी पुत्री सुप्रिया सुले की एनडीए में भूमिका बढ़ती है और उन्हें कृषि मंत्रालय देने की मांग पर सहमति बनती है, तो क्या शिवराज सिंह चौहान को अपना वर्तमान पद छोड़ना पड़ सकता है? वहीं दूसरी ओर, उनके मध्यप्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री के रूप में वापसी की संभावनाओं को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं।
सूत्रों के हवाले से चल रही चर्चाओं के अनुसार, लगभग दो माह पूर्व से ही शरद पवार के एनडीए के साथ आने को लेकर सहमति बनाने की कोशिशें चल रही थीं। बताया जा रहा है कि श्री पवार ने इसके लिए कृषि मंत्रालय की मांग रखी थी, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वीकार किए जाने की चर्चा है। इस संबंध में शिवराज सिंह चौहान को भी अवगत करा दिए जाने की बात सामने आई थी।
हालांकि, सूत्रों के अनुसार शिवराज सिंह चौहान सहित कुछ अन्य वरिष्ठ मंत्रियों द्वारा अपने पद छोड़ने से इनकार किए जाने के कारण यह मामला आगे नहीं बढ़ पाया। बाद में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन तथा कांग्रेस के सरकार विरोधी आंदोलनों के चलते भी इस संभावित राजनीतिक फेरबदल को टाल दिए जाने की चर्चा रही।
शरद पवार के स्वास्थ्य के बाद सुप्रिया सुले की भूमिका पर चर्चा
अब एक बार फिर इस घटनाक्रम ने जोर पकड़ लिया है। खबरों के अनुसार, शरद पवार के अस्पताल में भर्ती होने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनसे फोन पर बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसी बातचीत के दौरान शरद पवार के स्वास्थ्यगत कारणों को देखते हुए उनकी पुत्री एवं एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले की एनडीए में भूमिका को लेकर सहमति बनने की चर्चा सामने आई है।
शरद पवार के करीबी माने जाने वाले विट्ठल सेठ मनियार ने भी प्रधानमंत्री मोदी और शरद पवार के बीच हुई बातचीत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने सुबह फोन कर साहेब की तबीयत के बारे में जानकारी ली और बड़े आदर एवं सम्मान के साथ उनसे बातचीत की।
मनियार के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने शरद पवार से कहा, ‘साहेब आप पूरी तरह से आराम करें। सुप्रिया अब तैयार हैं। सुप्रिया और हम मिलकर देश को संभाल लेंगे। प्लीज आराम करें। मेरा आपसे अनुरोध है।’
उन्होंने आगे बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने बड़े लगाव के साथ शरद पवार से बातचीत की। इस पर श्री पवार ने कहा कि वे आराम कर रहे हैं और जब आप सभी लोग साथ हैं तो उन्हें देश की चिंता नहीं है। आप अपना काम जारी रखें। शरद पवार ने उनकी तबीयत के बारे में पूछने के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद भी किया।
सबसे बड़ा सवाल कृषि मंत्रालय को लेकर शिवराज और पवार के बीच कैसे बनेगी सहमति ?
अब देखना दिलचस्प होगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस संभावित राजनीतिक समीकरण को लेकर विधिवत घोषणा कब करते हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि शरद पवार और सुप्रिया सुले की ओर से एक बार फिर कृषि मंत्रालय की मांग रखी जाती है और शिवराज सिंह चौहान पहले की तरह अपना पद छोड़ने से इनकार करते हैं, तो इस राजनीतिक गतिरोध को कैसे दूर किया जाएगा?
राजनीतिक हलकों में एक संभावना यह भी जताई जा रही है कि शिवराज सिंह चौहान को मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी देकर उन्हें केन्द्रीय मंत्रिमंडल से हटने के लिए मनाया जा सकता है। हालांकि, यह फिलहाल राजनीतिक अटकलों और संभावनाओं तक ही सीमित है।
मोहन यादव को हटाने का फैसला क्या उत्तरप्रदेश चुनाव को करेगा प्रभावित?
दूसरी ओर, मध्यप्रदेश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को हटाना भी भाजपा के लिए आसान फैसला नहीं माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि मध्यप्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन किया जाता है तो इसका असर उत्तरप्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव की राजनीतिक रणनीति पर भी पड़ सकता है।
ऐसे में भाजपा के सामने एक ओर केन्द्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल और दूसरी ओर मध्यप्रदेश के नेतृत्व को लेकर संतुलन बनाने की चुनौती होगी। यह भी संभावना जताई जा रही है कि इन परिस्थितियों को देखते हुए मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों में फेरबदल से जुड़ा फैसला उत्तरप्रदेश चुनाव तक टाला जा सकता है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या शिवराज सिंह चौहान केन्द्र की राजनीति में अपनी कृषि मंत्री की कुर्सी बचा पाएंगे या फिर उन्हें मध्यप्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री के रूप में वापसी का अवसर दिया जाएगा? आने वाले दिनों में केन्द्र और मध्यप्रदेश की राजनीति में होने वाले घटनाक्रम इस सवाल का जवाब दे सकते हैं।