ग्वालियर 4 नवंबर 2026/देश में हर व्यक्ति स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने का संकल्प ले, तो वह दिन दूर नहीं जब भारत में सुई से लेकर जहाज तक बनने लगेंगे। स्वदेशी वस्तुओं को अपनाकर ही देश को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। यह बात स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह-संगठक सतीश कुमार ने बुधवार शाम स्वदेशी मेला–दीपोत्सव 2026 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में कही, इस अवसर पर एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक के विरोध में प्रदर्शन कर उसका पुतला फूंका गया

सतीश कुमार ने मेले में कारोबार करने आई एक विधवा महिला का उदाहरण देते हुए बताया कि वह अचार-पापड़ लेकर आई थी। उसे मेले में स्टॉल मिला और अच्छी बिक्री हुई। महिला अच्छा कारोबार कर खुश होकर लौटी। इसी तरह विदिशा से हस्तनिर्मित पर्स बनाकर लाई महिला को भी मेले में बाजार मिला। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन छोटे कारोबारियों और स्वदेशी उत्पाद बनाने वालों को अपने उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराते हैं।
भाजपा राष्ट्रीय मीडिया संयोजक आशीष अग्रवाल ने कहा कि आरपी माहेश्वरी उनके पास मेले का प्रस्ताव लेकर आए थे। जब उन्होंने मेले का भ्रमण किया, तो यह उनकी कल्पना से भी बेहतर लगा। भितरवार विधायक मोहन सिंह राठौर ने सभी से स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने की अपील की।
स्वदेशी जागरण मंच के युवा आयाम के संयोजक देवेंद्र प्रताप सिंह राठौड़ ने स्वदेशी ग्राम की परिकल्पना को साकार करने के लिए लाल टिपारा आदर्श गौशाला के संत ऋषभ देवानंद का आभार जताया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी ग्राम को ग्वालियर में सराहना मिली और यह सोशल मीडिया पर देशभर में चर्चा का विषय बना।
समारोह में स्वदेशी जागरण मंच के मध्य एवं पश्चिम क्षेत्र के संगठन प्रमुख केशव दुबोलिया, विधायक प्रदीप अग्रवाल, डॉ. सुरेंद्र भसीन, प्रियंवदा भसीन , राकेश शर्मा और गोविंद देवड़ा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन नीति पांडे ने किया। अंत में मेला संयोजक आरपी माहेश्वरी ने सभी प्रतिभागियों का आभार जताया।
स्टारलिंक के विरोध में पुतला फूंका
स्वदेशी मेले के समापन दिवस पर बुधवार शाम 4 बजे स्वदेशी जागरण मंच की ओर से स्टारलिंक के विरोध में प्रदर्शन कर पुतला फूंका गया। मंच ने भारत में उपग्रह आधारित इंटरनेट सेवा शुरू करने की तैयारी कर रही एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को लेकर डेटा सुरक्षा संबंधी चिंताएं जताईं। प्रदर्शन के माध्यम से स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देने और देश के डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई।