काबुल: अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हो गया है. सूत्रों की मानें तो सत्ता हस्तांतरण के बाद राष्ट्रपति अशरफ गनी और उपराष्ट्रपति अमरुल्ला साल ने देश छोड़ दिया है, और वे ताजिकिस्तान के लिए रवाना हो गए हैं. वहीं भारत समेत कई देश अपने-अपने नागरिकों और राजदूतों को रेस्क्यू करने में जुटे हुए हैं.तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने कहा था कि, ‘हम चाहते हैं कि सरकार बिना किसी शर्त के आत्मसमर्पण कर दें’, और ऐसा ही हुआ. रविवार को राष्ट्रपति आवास पर हुई सत्ता सौंपने की प्रक्रिया के बाद अफगान में तालिबानी युग की वापसी हो गई. सूत्रों के अनुसार, अली अहमद जलाली अफगानिस्तान के अगले राष्ट्रपति हो सकते हैं. जल्द ही इसका ऐलान किया जा सकता है.
US एयर फोर्स की मदद भी नहीं आई काम
अफगानिस्तान के तीन अधिकारियों ने बताया कि तालिबान राजधानी में कलाकन, काराबाग और पघमान जिलों में है. उसने अपने आक्रमण को तेज करते हुए देश के बड़े हिस्से पर कब्जा जमा लिया है और अफगान सुरक्षा बलों को अमेरिकी सेना के हवाई सहयोग के बावजूद खदेड़ दिया है. इसने कई लोगों को हैरत में डाल दिया है और उन्होंने सवाल उठाया कि अमेरिका के प्रशिक्षण और अरबों डॉलर खर्च करने के बावजूद सुरक्षा बलों की स्थिति खराब कैसे हो गई. कुछ दिनों पहले ही अमेरिकी सेना ने अनुमान जताया था कि एक महीने से कम समय में ही राजधानी पर तालिबान का कब्जा हो जाएगा.