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अब आरएसएस की नकल करने कांग्रेस सेवादल लगाएगा शाखा संजय गांधी के समय में असफल हो चुकी है यह नकल

समाज में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ  की बढ़ती स्वीकारोक्ति से परेशान कांग्रेस अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की नकल करके उसी की तर्ज पर शाखा लगाने का काम करने जा रही,उल्लेखनीय है कि कांग्रेस 80 के दशक में भी सेवादल के माध्यम से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा पद्धति की नकल कर चुकी है उस समय संजय गांधी इस नकल के सूत्रधार बने थे,उनका यह नकलप्रयोग बुरी तरह फ्लॉप सिद्द हुआ था।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उससे जुड़े संगठनों की ओर से समय-समय पर राष्ट्रवाद देशभक्ति से घबराई कांग्रेस इसकी काट के लिए शाखा की नकल करने जा रही है   कांग्रेस  सेवा दल ने हर महीने के आखिरी रविवार को एक हजार जिलों/शहरों में ‘ध्वज वंदन’ कार्यक्रम के तहत शाखा आयोजित करने का फैसला किया है. सेवा दल अपने इन ‘ध्वज वंदन’ कार्यक्रमों में गांधी और नेहरू के सिद्धांतों और ‘धर्मनिरपेक्षता, सहिष्णुता और बहुलवादी विचारों’ पर आधारित राष्ट्रवाद पर विमर्श शुरू करने का प्रयास करेगा. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से स्वीकृति मिलने का बाद सेवा दल इस कार्यक्रम को लेकर आगे बढ़ेगा. सेवा दल संगठन के स्तर पर व्यापक बदलाव की भी तैयारी में है और इसको लेकर उसने एक ब्लू्प्रिंट भी तैयार किया है. इसे सोमवार को राहुल गांधी की मौजूदगी में सार्वजनिक किया जाएगा.

सेवा दल के मुख्य संगठक लालजी भाई देसाई ने बताया, ‘पिछले कुछ वर्षों में सेवा दल पहले की तरह की सक्रिय नहीं रह गया और वह सिर्फ कांग्रेस के कार्यक्रमों के आयोजनों के प्रबंधन तक सीमित रह गया था. हम इसे फिर से मजबूत बनाने का प्रयास कर रहे हैं.’ उन्होंने कहा, ‘अब हम राष्ट्रनिर्माण, राष्ट्रसेवा, संगठन निर्माण और पार्टी के मुख्य संगठन के साथ तालमेल बिठाकर काम करने पर जोर देंगे.’

उन्होंने कहा कि अगले तीन महीने में देश के पूर्वी, पश्चिमी, उत्तरी, दक्षिणी और मध्य हिस्सों में प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाएगा. आगामी 11 जून को मणिपुर में ऐेसे पहले प्रशिक्षण शिविर का आयोजन होने जा रहा है जिसमें देश के पूर्वी हिस्से के सेवा दल के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी शामिल होंगे. गुजरात से ताल्लुक रखने वाले देसाई ने कहा कि देश के एक हजार जिलों, शहरों एवं महानगरों में हर महीने के आखिरी रविवार को ‘ध्वज वंदन’ कार्यक्रम होगा जिसमें ध्वजारोहण के साथ वैचारिक चर्चा होगी. इस दौरान गांधी और नेहरू के सिद्धांतों तथा कांग्रेस की विचारधारा के बारे में लोगों बताया जाएगा.

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