बीते चार से पांच दिन से ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए मचे बवाल के बाद पहली बार कलेक्टर ग्वालियर कौशलेन्द्र सिंह मीडिया के सामने आए पर ऑक्सीजन से हुई मौत के बारे में कुछ नहीं बोले कलेक्टर सिंह ने कहा कि अब शहर में वह छोटे कोविड सेंटर को कम करने का काम करेंगे यह ऑक्सीजन की कमी पर स्थिति को संभाल नहीं पाते। इसके बाद माहौल बिगड़ता है। इसलिए ऐसे कोविड सेंटर को कम किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा की घबराएं नहीं धैय रखें, शहर में हालात काबू में आ रहे हैं। ऑक्सीजन और रेमडेसिविर की जो परेशानी हो रही थी वह भी काफी हद तक नियंत्रण में है। हर स्थिति पर हम नजर बनाए हुए हैं। ऑक्सीजन के टैंकर भी बोकारो से चल दिए हैं। जल्द ही वह भी ग्वालियर पहुंच जाएंगे। इसके बाद स्थिति और ज्यादा बेहत्तर हो जाएगी। यह बात कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने सोमवार शाम को शहर के हालात पर मीडिय से बात करते हुए कही।
कलेक्टर सिंह ने कहा कि अब शहर में वह छोटे कोविड सेंटर को कम करने का काम करेंगे। दो तरह के कोविड हॉस्पिटल चलेंगे। शासकीय और प्राइवेट में वह जहां 30 से 35 बेड उपलब्ध हों। ऐसे कोविड सेंटर जहां 4 से 5 बेड हैं। यह ऑक्सीजन की कमी पर स्थिति को संभाल नहीं पाते। इसके बाद माहौल बिगड़ता है। इसलिए ऐसे कोविड सेंटर को कम किया जा रहा है। यहां आपको बता दें कि बीते चार से पांच दिन में ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए मचे बवाल के बाद पहली बार कलेक्टर ग्वालियर कौशलेन्द्र सिंह मीडिया के सामने आए हैं। पर ऑक्सीजन से हुई मौत के बारे में कुछ नहीं बोले हैं।
कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि पहले की तुलना में शहर में कोरोना का संक्रमण धीरे-धीरे कम होना शुरू हो गया है। इसमें सबसे बड़ा योगदान कोरोना कर्फ्यू का है। पहले जहां 40 प्रतिशत संक्रमित मरीज आ रहे थे अब उनका प्रतिशत 28 से 30 प्रतिशत रह गया है। पहले 2000 सैंपलिंग में एक हजार या 1200 संक्रमित आ रहे थे। अब 3500 से 4000 की सैंपलिंग में इतने संक्रमित आ रहे हैं।
कलेक्टर सिंह ने कहा है कि रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर भी आक्रोशित होने की जरूरत नहीं है। हर संक्रमित को रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत नहीं होती है। जिनको इसकी आवश्यक्ता है उन्हें इंजेक्शन जिला प्रशासन हर हाल में उपलब्ध कराएगा। ऑक्सीजन और इंजेक्शन दोनों की ताजा स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। 24 घंटे हम उपलब्ध हैं। किसी को घबराने की जरूरत नहीं है।