शहर को पेयजल की आपूर्ति करने वाला तिघरा बांध अभी भी करीब 35 प्रतिशत खाली है जबकि सावन के विदा होने में 48 घंटे का समय ही शेष बचा है।
जून के अंत में बरसात का सीजन शुरू होने के समय तिघरा बांध का जलस्तर 712 फीट नीचे जा पहुंचा था यही वजह थी कि शहर में पेयजल की आपूर्ति एक दिन छोड़कर की जा रही है।
उम्मीद थी कि सर्वाधिक बरसात वाले माह के लिए प्रसिद्ध सावन के महीने में तिघरा बांध लबालब हो जायेगा लेकिन खबर लिखे जाने तक तिघरा को लेकर जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक तिघरा अभी लगभग 8 फीट खाली है उसका जलस्तर 732 फीट तक ही पहुंचा है।

हालांकि अभी बरसात का सीजन जारी है और सावन की ही तर्ज पर भादों का महीना भी जोरदार बरसात में गिना जाता है अतः आशा है कि भादों में तिघरा न केवल लबालब हो जायेगा बल्कि बांध के सुरक्षा गेट भी खोलने की नौबत आ सकती है।
अभी की बात करें तो ग्वालियर में बीते 48 घंटों से रुक रुककर बारिश जारी है लेकिन तिघरा के कैचमेंट एरिया अर्थात तिघरा जलभराव परिक्षेत्र में जोरदार बारिश न होने की वजह से तिघरा लबालब नहीं हो सका है।
जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक तिघरा में बरसात का सीजन शुरू होने के बाद अभी तक जो 20 फीट पानी आया है उसमें ज्यादातर पहसारी बांध से छोड़ा गया पानी है।
इस तरह से अन्य बांधों से आता है तिघरा में पानी
यूं तो ग्वालियर का तिघरा बांध सांक नदी के ऊपर बना हुआ है और इसका अपना लंबा चौड़ा जलभराव परिक्षेत्र है जो मोहना घाटीगांव तक फैला हुआ है लेकिन जल संसाधन विभाग ने इस बात की भी व्यापक व्यवस्था कर रखी है कि यदि तिघरा जलभराव परिक्षेत्र में बरसात कम होने या न होने की स्थिति में भी तिघरा खाली न रहे।
इसके लिए जल संसाधन विभाग ने ग्वालियर से लगभग 40 किलोमीटर पर पार्वती नदी पर बने अपर केकेटो बांध का बहुत शानदार उपयोग करते हुए उससे पानी एक अन्य बांध केकेटो तक पहुंचाने की व्यवस्था की है इतना ही नहीं केकेटो से पुनः 13 किलोमीटर की केनाल बनाकर पानी को पहसारी बांध तक लाया जाता है।
इसके बाद पहसारी से पुनः 13 किलोमीटर की कैनाल बनाई गई है जो पहसारी बांध से पानी को उस सांक नदी तक पहुंचाती है जहां तिघरा स्थित है और यह पानी तिघरा को भरने का काम करता है।
वर्तमान अर्थात अभी की बात करें तो कुछ दिन पहले तक तिघरा अपने कैचमेंट एरिया में बरसात न होने की वजह से लगभग 50 प्रतिशत खाली रह गया था लेकिन पार्वती नदी पर बना अपर केकेटो लबालब होने से वहां का पानी ककेटो के लिए छोड़ना शुरू किया गया था
और केकेटो के भी लबालब होने के बाद पानी को पहसारी और उसके भर जाने के बाद पहसारी का पानी तिघरा को भरने के लिए सांक नदी के लिए छोड़ने का क्रम लगातार जारी है।
यही वजह है कि जो तिघरा लगभग 15 दिन पहले 50 प्रतिशत खाली था लगातार पानी आने से आज की तारीख में केवल 35 प्रतिशत ही खाली है 65 प्रतिशत भरकर उसका जलस्तर 732 पार कर चुका है और पूरी उम्मीद है कि बहुत जल्द ही यह लबालब हो जायेगा।
अपर ककेटो बांध के जल संग्रहण क्षेत्र में जारी है जोरदार बारिश आज शाम 5 बजे छोड़ा जाएगा पानी
अपर ककेटो बांध के जल संग्रहण क्षेत्र में हो रही बारिश एवम अतिवर्षा की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने निर्धारित जल स्तर बनाए रखने हेतु आज दिनाँक 17/08/2024, को लगभग शाम 5 बजे बांध के अतिरिक्त जल द्वार (Gate) खोले जा जा सकते हैं जिससे संभावित 205 cumecs (7245 cusecs) पानी की निकासी हो सकती है । सर्व जन को सादर सूचनार्थ संप्रेषित।