अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर होगी. साथ ही करीब दस दिनों तक इसे लेकर धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किया जाएगा.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में दुनिया भर के साधु संतों को प्रमुखता दी जाएगी. इस भव्य कार्यक्रम को गांवों और शहरों के साथ ही विदेशों में भी प्रसारित करने की तयारी है।
राम मंदिर के भूतल पर राम कथा प्रदर्शित की जाएगी. प्रमुख मंदिर तीन एकड़ क्षेत्रफल का रहेगा और मंदिर का परकोटा करीब नौ एकड़ का होगा. परकोटे में भगवान राम के प्रसंगों को प्रदर्शित किया जाएगा. यह नागर शैली का है.
जानकारी के मुताबिक राममंदिर की आयु कम से कम 1000 साल की होगी और यह सभी श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा. मंदिर के तीन गेट होंगे और इसका शिखर सोने का होगा. बता दें कि राम मंदिर निर्माण का कार्य बहुत तेजी से किया जा रहा है.
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के पदाधिकारियों के अनुसार रामलला की प्राण प्रतिष्ठा मकर संक्रांति के बाद होनी चाहिए। ऐसे में 14-15 जनवरी 2024 से 24 जनवरी के बीच रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान संपन्न कर लिया जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान 10 दिवसीय होगा। 24-25 जनवरी से भव्य गर्भगृह में भक्तों को रामलला का दर्शन प्राप्त होने लगेगा।