सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की संविधान पीठ आज यह तय करेगी कि अयोध्या विवाद का हल आपसी समझौते से निकाला जाना चाहिए या नहीं? निर्मोही अखाड़े को छोड़ लगभग सभी हिंदू पक्षकार और उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले में मध्यस्थता के खिलाफ है।
राम लला विराजमान पक्ष का कहना है कि यह मामला राम जन्मभूमि से संबंधित है लिहाजा आस्था और विश्वास के साथ समझौता नहीं किया जा सकता। राम लला विराजमान पक्ष का कहना है कि अगर विचार किया ही जाना है तो इस पर विचार किया जाना चाहिए कि मस्जिद का वैकल्पिक स्थान क्या हो।
अयोध्या विवाद मध्यस्थता को लेकर सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय थोड़ी देर बाद
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