उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बोले जिन राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उनके पास जा रहे हैं वो सभी ढोंगी, पाखंडी और हिंदुत्व के दुश्मन
प्रयागराज 26 जनवरी 2026/माघ मेले में अपने शिविर त्रिवेणी मार्ग के सामने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का धरना नौवें दिन भी जारी रहा। इस दौरान शंकराचार्य ने माघ मेले में गौ प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा निकाली और अनेक शिविरों में जाकर गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने के लिए चलाए जा रहे अभियान के लिए समर्थन मांगा।
साधु-संतों व महामंडलेश्वर के साथ अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री हरि गिरि महाराज का भी बयान सामने आया है. उन्होंने इस घटना को न केवल दुर्भाग्यपूर्ण बताया, बल्कि शंकराचार्य पद की मर्यादा और अखाड़ा परंपराओं पर भी स्पष्ट टिप्पणी की
अभी अखाड़ों ने चादर नहीं ओढ़ाई…
उज्जैन आए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री हरि गिरि महाराज ने इस मामले में कहा, शंकराचार्य जैसे सर्वोच्च पद की मान्यता अखाड़ा परिषद की परंपराओं से जुड़ी होती है. अब तक अखाड़ा परिषद की ओर से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को चादर ओढ़ाने की परंपरा पूरी नहीं हुई है. उन्होंने बताया कि परंपरा के अनुसार, देश के सभी 13 अखाड़े एक साथ मिलकर चादर ओढ़ाते हैं. जब समाज और अखाड़े सामूहिक रूप से किसी को स्वीकार करते हैं, तभी वह पूरे संत समाज का शंकराचार्य माना जाता है.
अभी अखाड़ों ने चादर नहीं ओढ़ाई…
उज्जैन आए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री हरि गिरि महाराज ने इस मामले में कहा, शंकराचार्य जैसे सर्वोच्च पद की मान्यता अखाड़ा परिषद की परंपराओं से जुड़ी होती है. अब तक अखाड़ा परिषद की ओर से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को चादर ओढ़ाने की परंपरा पूरी नहीं हुई है. उन्होंने बताया कि परंपरा के अनुसार, देश के सभी 13 अखाड़े एक साथ मिलकर चादर ओढ़ाते हैं. जब समाज और अखाड़े सामूहिक रूप से किसी को स्वीकार करते हैं, तभी वह पूरे संत समाज का शंकराचार्य माना जाता है.
केशव मौर्य का विपक्ष पर हमला
अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बहाने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष पर निशाना साधा। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा मैं स्वामी जी के चरणों में प्रणाम करके निवेदन करता हूं कि वह गंगा स्नान करें। उन्हें कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी
विपक्ष के नेताओं के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ खड़े होने के प्रश्न पर कहा जिन राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उनके पास जा रहे हैं वो सभी ढोंगी, पाखंडी और हिंदुत्व के दुश्मन हैं। उन्हें संतों से श्रद्धा है न हिंदुत्व से लगाव। ये लोग संतों से सहानुभूति दिखाकर राजनीति रोटियां सेकने में लगे हैं जिसमें उन्हें सफलता नहीं मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सबको पता है कि जब ये सत्ता में थे तब संतों और हिंदुओं का कितना उत्पीड़न किया है। उनके ऊपर लाठियां बरसाई गई थी। हिंदुओं का जीना मुहाल था। भाजपा सबका हृदय से सम्मान करती है। वहीं उप मुख्यमंत्री ने पुलिस लाइन में ध्वजारोहण कर देश के वीर सपूतों को नमन किया।