Homeधर्म कर्मअष्टमी नवमी को लेकर संशय क्या कहती है धर्मसिन्धु

अष्टमी नवमी को लेकर संशय क्या कहती है धर्मसिन्धु

 

इस वर्ष दुर्गाअष्टमी पूजन किस तारीख को किया जाय इस पर संशय है क्योंकि चैत्रशुक्ल अष्टमी शनिवार को 9:12 सुबह से रविवार को सुबह 7:12 तक रहेगी। ज्यादातर प्रचारित किया जा रहा है कि रविवार 25 मार्च को अष्टमी एवं नवमी एक साथ मनाई जाएगी परंतु धर्मसिंधु का मत इससे अलग है। धर्मसिंधु के अनुसार:
चैत्र शुक्लास्ट्म्यां भवान्या उत्पति: तत्र नवमीयुता अष्टमी ग्राह्य।

 

जोतिषियों अनुसार उदयकालीन अष्टमी जो की रविवार को हों यदि तीन मुहूर्त से कम है तो सप्तमी मे श्री दुर्गाअष्टमी का व्रत पूजन हवन किया जाना चाहिए। इस बार रविवार को अष्टमी तिथि तीन मुहूर्त अर्थात 6 घड़ी से कम है। इसीलिये शनिवार को ही अष्टमी पूजन, कन्या पूजन, हवन इत्यादि किया जाना शास्त्रोक्त होगा। 24 मार्च को सप्तमी तिथि सुबह 9:12मिनिट तक है,इसके बाद आप अष्टमी हवन पूजन का कार्य कर सकते है, दुर्गाअष्टमी पर्व 24 मार्च शनिवार को ही मान्य है।
 
रामनवमी
इस वर्ष चैत्र शुक्ल नवमी तिथि का क्षय हुआ है, इसलिये नवमी मध्यांहव्यापिनि और पुनर्वसु नक्षत्र युक्त ही मानी जाती है, धर्मसिंधु के अनुसार
अष्टमी नवमी युक्ता, नवमी च अष्टमीयूतेति।
चैत्र शुक्ला तु नवमी पुनर्वसु युता यदि।
सेव मध्याह्नयौगेन महापुण्यफल प्रदा।
इसीलिए इस वर्ष रामनवमी 25मार्च 2018 को ही शुभफल दायक मानी जायेगी।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments