असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि अगर उन्हें मदरसों में चरमपंथी गतिविधियों के बारे में इनुपट मिलेगा तो वे कार्रवाई करेंगे.
उन्होंने कहा कहा, “मदरसों को गिराने की हमारी कोई मंशा नहीं है. हम चाहते हैं कि उनका जिहादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल न हो. अगर हमें स्पष्ट इनपुट मिलेंगे कि किसी मदरसे का उपयोग भारत-विरोधी गतिविधियों के लिए हो रहा है तो हम उसे ढहा देंगे.”
दरअसल असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को पत्रकारों से कहा, “हमने एक एसओपी बनाई है. अगर राज्य के बाहर से कोई नया इमाम किसी गांव में आता है, तो स्थानीय ग्रामीण इसकी सूचना स्थानीय पुलिस स्टेशन को देंगे जिसके बाद पुलिस उस व्यक्ति की पहचान की पुष्टि करेगी.”
उन्होंने यह भी कहा कि इस काम के लिए एक सरकारी पोर्टल बनाया जाएगा, जिस पर इमामों और मदरसा शिक्षकों को अपना पंजीकरण कराना होगा.
मुख्यमंत्री सरमा का यह दावा है कि इस काम में असम का मुस्लिम समुदाय सरकार की मदद कर रहा है.
असल में मुख्यमंत्री सरमा का यह बयान राज्य में अल-कायदा भारतीय उपमहाद्वीप (एक्यूआईएस) और अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (एबीटी) जैसे चरमपंथी संगठनों से कथित रूप से जुड़े कुछ लोगों की गिरफ्तारी के बाद सामने आया है.