महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप अपने आख़िरी दौर में पहुँच गया है. ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ़्रीका की टीमें पहले ही सेमीफ़ाइनल में पहुँच चुकी हैं.
यानी सेमीफ़ाइनल के लिए बस एक जगह बची हुई है.
भारत के पाँच मैचों में चार अंक हैं. भारत का नेट रन रेट 0.526 है.
न्यूज़ीलैंड की टीम के भी पाँच मैचों में चार अंक हैं, लेकिन उसका नेट रन रेट फ़िलहाल भारत से कम है.
न्यूज़ीलैंड की टीम अंक तालिका में पाँचवें नंबर पर है और उसका नेट रन रेट -0.245 है.
श्रीलंका के भी चार अंक हैं, लेकिन उसने छह मैच खेले हैं. बांग्लादेश और पाकिस्तान के दो-दो अंक हैं.
यानी सेमीफ़ाइनल में जगह के लिए भारत की टक्कर न्यूज़ीलैंड से है.
अगर भारत को सेमीफ़ाइनल में जगह बनानी है, तो उसके लिए न सिर्फ़ उसे अपने दोनों मैच जीतने होंगे, बल्कि ये भी देखना होगा कि बाक़ी टीमों का प्रदर्शन कैसा रहता है.
भारत को सेमीफ़ाइनल में किन-किन परिस्थितियों में जगह मिल सकती है? ये समझते हैं.
भारत के लिए बेहतर समीकरण उस समय बनेगा, जब टीम अपने बचे हुए दोनों मैच जीत जाए.
भारत को अभी न्यूज़ीलैंड और बांग्लादेश से खेलना है.
अगर भारतीय टीम अपने दोनों मैच जीत जाती है, तो उसके आठ अंक हो जाएँगे.
भारत का नेट रन रेट फ़िलहाल बेहतर है और जीतने की स्थिति में ये और बेहतर होगा.
यानी भारत अगर अपने दोनों मैच जीत जाए, तो सेमीफ़ाइनल में उसके पहुँचने की संभावना ज़्यादा है.
2. भारत न्यूज़ीलैंड से हार जाए और बांग्लादेश से जीत जाए
अगर भारत की टीम न्यूज़ीलैंड से हार जाती है और बांग्लादेश को हरा देती है, तो उसके पास छह अंक होंगे.
लेकिन इस स्थिति में भारतीय टीम चाहेगी कि न्यूज़ीलैंड अपना आख़िरी लीग मैच इंग्लैंड से हार जाए.
तब दोनों ही टीमों के छह-छह अंक रहेंगे.
लेकिन बेहतर नेट रन रेट के आधार पर भारतीय टीम सेमीफ़ाइनल में पहुँच सकती है.
3. भारतीय टीम न्यूज़ीलैंड को हरा दे और बांग्लादेश से हार जाए
अगर ऐसा होता है, तो भारत के पास छह अंक होंगे.
यानी एक बार फिर भारत का भविष्य इस पर निर्भर करेगा कि न्यूज़ीलैंड की टीम अपने आख़िरी मैच में कैसा प्रदर्शन करती है.
अगर अपने आख़िरी मैच में न्यूज़ीलैंड की टीम हार जाती है, तो भारत आसानी से सेमीफ़ाइनल में पहुँच जाएगा.
लेकिन अगर न्यूज़ीलैंड की टीम इंग्लैंड को हरा दे, तो फिर दोनों के छह-छह अंक होंगे और एक बार फिर फ़ैसला नेट रन रेट के आधार पर हो सकता है.
भारत के बांग्लादेश से हारने की स्थिति में नेट रन रेट के मामले में टीम पिछड़ सकती है. ये भारत के लिए मुश्किल रास्ता हो सकता है.