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आयकर विभाग का बयान दैनिक भास्कर में 700 करोड़ की आय पर बड़ी टैक्स चोरी, कर्मचारियों के नाम पर कई कंपनियां बताकर हेराफेरी

आयकर विभाग ने  बताया है कि दैनिक भास्कर ग्रुप पर छापेमारी के दौरान 700 करोड़ रुपए की आय पर टैक्स चोरी, शेयर बाजार के नियमों का उल्लंघन और सूचीबद्ध कंपनियों से लाभ की हेराफेरी के सबूत मिले हैं. आय पर टैक्स चोरी का आंकड़ा बढ़ भी सकता है, क्योंकि अभी जांच जारी है. आयकर विभाग ने हालही में दैनिक भास्कर ग्रुप के दफ्तरों पर छापेमारी की थी, जिसके बाद सरकार को आलोचना का सामना करना पड़ा था.

विभाग की ओर से जारी बयान में बताया गया है, ‘छापेमारी के दौरान यह पता चला है कि वे अपने कर्मचारियों के नाम पर कई कंपनियां चला रहे थे. जिनका इस्तेमाल फर्जी खर्चों की बुकिंग और धन को इधर से उधर करने के लिए हो रहा था. कई कर्मचारी जिन्हें शेयरधारक और डायरेक्टर बनाया गया था, उन्होंने छापेमारी के दौरान कबूल किया कि उनके नाम से चलाई जा रही कंपनियों के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है. साथ ही बताया कि उन्होंने अपने आधार कार्ड और डिजिटल हस्ताक्षर कंपनी को भरोसे में दिए थे. कुछ रिश्तेदार पाए गए, जिन्होंने स्वेच्छा से और जानबूझकर कागजात पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन उन्हें जिन कंपनियों का डायरेक्टर या शेयरधारक बनाया गया था उनकी व्यवसायिक गतिविधियों की कोई जानकारी या नियंत्रण नहीं था.’

साथ ही बताया कि, ‘इन कंपनियों का इस्तेमाल फर्जी खर्च बुकिंग, सूचीबद्ध कंपनियों से मुनाफे में हेराफेरी जैसे कई मकसद के लिए किया गया.’

आयकर विभाग ने यह भी कहा कि छापेमारी के दौरान उन्हें सूचीबद्ध कंपनियों के लिए सेबी की ओर से निर्धारित नियमों का उल्लंघन भी पाया है. बेनामी लेनदेन निषेध अधिनियम के आवेदन की भी जांच की जाएगी.

भास्कर ने भी अपने वेबपोर्टल पर अनियमितता की बात को किया प्रकाशित

 

भास्कर ने अपनी  वेबसाइट पर लिखा है कि आयकर विभाग के दावों से असहमति के बावजूद भास्कर समूह उसके बयान के प्रमुख अंश प्रकाशित कर रहा है। आयकर विभाग की ओर से शनिवार रात एक बयान जारी कर दावा किया गया कि समूह में 6 साल में 700 करोड़ रुपए की आय पर टैक्स को लेकर अनियमितता नजर आई है। इसकी आगे जांच की जा रही है। साथ ही विभिन्न कंपनियों में साइक्लिकल ट्रेड, फंड ट्रांसफर और रियल एस्टेट कंपनी में लोन को लेकर भी जांच की जा रही है।

आयकर विभाग ने अपने बयान में कहा है कि कंपनी के आय-व्यय के संदर्भ में परीक्षण अभी चल रहा है। विभिन्न लेन-देन और कर भुगतान के बारे में दस्तावेज देखे जा रहे हैं। इन सभी मसलों पर भास्कर प्रबंधन ने कहा है कि विभाग ने जो अनियमितताएं बताई हैं, इनमें किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं है।

इन सभी मसलों पर पूरी तथ्यात्मक जानकारी और दस्तावेज उन्हें उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। दूसरी ओर, विभाग ने यह भी बताया है कि लखनऊ स्थित एक अन्य समूह की जांच पूरी हो गई है। वहां, दस्तावेजों में आय और टैक्स में अनियमितताएं पाई गई हैं।

 

 

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