केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज अपने गृहनगर ग्वालियर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यालय पहुंचकर अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय संग्ठनमंत्री व वरिष्ठ प्रचारक श्रीधर पराड़कर से भेंट की। इस अवसर पर दोनों के बीच बंद कमरे में लगभग आधा घंटे तक चर्चा हुई,श्री पराड़कर ने सिंधिया को स्व लिखित तीन पुस्तकें भेंट की।
श्री सिंधिया अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नई सड़क स्थित कार्यालय राष्ट्रोथन न्यास भवन पहुंचे।
यहां उन्होंने संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्रीधर पराड़कर से मुलाकात की। इस दौरान हुई चर्चा में आगामी समय में आयोजित किए जाने वाले द्वितीय उदभव अंतर्राष्ट्रीय साहित्य सम्मेलन के बारे में बातचीत की गई। श्री पराड़कर ने यह सम्मेलन चुनाव के पश्चात किए जाने का सुझाव दिया। उल्लेखनीय है कि पिछली बार आयोजित किए प्रथम अंतर्राष्ट्रीय साहित्य सम्मेलन में अखिल भारतीय साहित्य परिषद भी सहभागी थी। श्री पराड़कर अखिल भारतीय साहित्य परिषद के संगठन मंत्री के साथ वरिष्ठ लेखक चिंतक भी हैं उनके द्वारा राष्ट्रहित के अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर कई पुस्तकों का लेखन भी किया जा चुका है साथ ही उन्हें राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।
आज श्री सिंधिया से हुई मुलाकात के दौरान श्री पराड़कर ने अपनी तीन पुस्तकें उन्हे भेंट की इनमें डॉ अम्बेडकर और जोगेंद्रनाथ मंडल, मराठी रचित खंडो बल्लाल तथा देशांतर शामिल हैं।