प्रवीण दुबे

ग्वालियर वासियों ने आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के घोष वादकों की वाद्य यंत्रों पर कदमताल करती अनुशासित शक्ति का शानदार पथसंचलन देखा। इसमें चयनित 550 घोष वादक अपने-अपने वाद्य यंत्र लेकर संचलन के रूप में सड़क पर निकले करीब 2 किलोमीटर लम्बे इस पथसंचलन के मध्य देशभक्ति पूर्ण महापुरुषों की झांकियां सजी थीं। पथसंचलन में शामिल स्वयंसेवकों व महापुरुषों के चित्रों पर शहरवासियों ने पुष्पवर्षा कर जोरदार स्वागत किया।

यह पथसंचलन वीरांगना लक्ष्मीबाई समाधिस्थल पर पुष्पार्चन के बाद प्रारंभ हुआ, जब पहला दल इंदरगंज पहुंचा तो आखिरी दल दो किलोमीटर पीछे था। शहर के बीच से गुजर रहे इस पथ संचलन में शामिल घोष वादकों में भी गजब का अनुसाशन नजर आया। किसी

फोर्स की तरह कदम से कदम मिलाकर यह शहर के बीच से गुजरते नजर आए। इतना ही नहीं बांसूरी, बाजा और अन्य तरह के वाद्य यंत्रों का शानदार प्रदर्शन सड़क पर देखने को मिला। इस बीच सड़कों पर लोगों ने इन घोष वादकों पर पुष्प वर्षा भी की।

उल्लेखनीय है कि ग्वालियर में केदारपुर स्वरस्वती शिशु मंदिर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मध्यभारत प्रांत का चार दिवसीय स्वर साधक संगम शिविर चल रहा है आज दूसरे दिन घोष वादकों का पथ संचलन खास रहा। 550 घोष वादक वीरांगना लक्ष्मीबाई समाधि से

पथ संचलन में अपने वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन करते हुए GYMC तक गए।। इस दौरान पूरे शहर में उनका जोरदार स्वागत किया गया। स्वर साधक संगम शिविर के लिए पूरा शहर भगवामय हो गया है। शिविर में शामिल होने के लिए RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत भी शुक्रवार शाम 7.55 बजे तेलांगना एक्सप्रेस से ग्वालियर पहुंच रहे हैं। उन्हें Z प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है इसलिए शहर में स्टेशन से लेकर कार्यक्रम स्थल तक कारकेड भी निकाला गया। सुरक्षा के सभी इंतजामों को फाइनल टच दे दिया गया है। पुलिस चौराहों से लेकर हाइवे तक अलर्ट है।

यहां से निकला पथ संचलन हुआ जोरदार स्वागत
– पथ संचलन के लिए शहर के चौराहों को सजाया गया था। घोष वादकों का पथ संचलन रानी लक्ष्मीबाई की समाधि से प्रारंभ होकर फूलबाग चौराहा, गुरुद्वारा, महलगेट, जयेंद्रगंज, घोड़ा चौका (इंदरगंज चौराहा) व सनातन धर्म मंदिर के सामने से होता हुआ GYMC क्लब पहुंचा। इस रूट पर बांसुरी बजाते हुए भगवान श्रीकृष्ण व मां सरस्वती के अलावा प्रमुख संगीतकारों

व वाघ यंत्रों के होडिंग्स लगाए गए थे। इन होडिंग्स पर किसी नेता किसी अभिवादनकर्ता का नाम नहीं है। घोष शिविर के लिए नगर के प्रमुख चौराहों पर भगवा ध्वज लगाए गए हैं। फूलों से सजाया गया है। रंगोली भी सजाई गई है।