मध्यप्रदेश की जबलपुर हाईकोर्ट ने अपने एक ऐतिहासिक निर्णय में कहा है कि किसी भी सरकारी कर्मचारी को राष्ट्रवादी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के किसी भी कार्यक्रम अथवा शाखा में जाने से रोका नहीं जा सकता है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस और वामपंथी राजनीतिज्ञ तथा संघ विरोधी इसको लेकर कर्मचारियों में भय का वातावरण बनाते रहे हैं । कोर्ट के इस निर्णय के बाद उनको जोरदार झटका लगा है।
माननीय उच्च न्ययालय की मुख्य पीठ जबलपुर में मुख्य न्यायाधिपति श्री हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्तियुगल पीठ द्वारा प्रकरण क्रमांक 13224/2015 डव्लू.पी.में यह निर्धारित किया कि शासकीय कर्मचारी आर. एस. एस. के किसी भी अधिकारी से मिलने या कार्यक्रम में जाने से रोका नही जा सकता और ऐसी कोई भी रोक कर्मचारियों के संविधानिक अधिकारो का उल्लंघन होगा। शासकीय कर्मचारियों के संघ स्थान पर जाना या संघ के पदाधिकारियों से मिलना उनका संवैधानिक अधिकार है, उस पर कोई रोक नहीं लगाई जा सकती है।