मानसून सत्र के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से अपील की है कि वो आंदोलन का रास्ता छोड़कर बातचीत का मार्ग अपनाएं। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार कृषि कानूनों पर किसानों से बातचीत करने के लिए तैयार है।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक मानसून सत्र के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ‘भारत सरकार किसानों से पूरी संवेदनशीलता के साथ चर्चा करने के लिए तैयार है।’
बता दें कि केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का यह बयान तब आया है जब शिरोमणि अकाली दल के सांसदों ने संसद के सामने कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
अकाली दल ने किया कृषि कानूनों का विरोध
शिरोमणि अकाली दल ने केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने मीडिया से कहा कि “देश के किसान इंसाफ चाहते हैं। हम चाहते हैं कि सारी पार्टी एकजुट होकर केंद्र सरकार के खिलाफ खड़ी हों और कानून वापस लेने का दबाव डालें।”
गौरतलब है कि हाल ही में किसान संगठन संयुक्त किसान मोर्चा ने राज्यसभा और लोकसभा सांसदों को धमकी भरा पत्र लिखा था। इस पत्र में किसान संगठन ने सभी पार्टी के सांसदों से सदन में किसानों के मुद्दों को उठाने के लिए कहा था। साथ ही कहा था कि जबतक किसानों के मुद्दों का हल नहीं निकल जाता है तबतक सांसद किसी अन्य मुद्दों नहीं उठाएंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा था कि यदि सासंद उनके बातों को सदन के पटल पर नहीं रखते हैं तो किसान सभी सांसदों को विरोध करेंगे जैसे भाजपा के नेताओं का करते हैं। बता दें कि 22 जुलाई कई किसान संगठन संसद के बाहर केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले हैं।