एम पी गजब है इस स्लोगन को आज एकबार पुनः स्वीकारोक्ति मिली वजह थी बालाघाट के स्वादिष्ट चावलों को जी आई टैग का प्रदान किया जाना
प्रदेश के किसानों के लिए यह एक बड़ी खबर है। दरअसल बालाघाट के चावलों को जी आई टैग मिल गया है। केंद्र द्वारा बालाघाट के बासमती चावल को Geographical Identification tag दिया गया है। इस मामले की जानकारी केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट करके दी है। वहीँ CM Shivraj-Kamal patel ने ट्वीट करते हुए आभार जताया है।
दरअसल मध्य प्रदेश द्वारा लंबे समय से मध्य प्रदेश के चार लोग को Geographical Identification Tag दिए जाने की मांग की जा रही थी। वहीं अब बालाघाट के चावल को GI Tag दिया गया है। जहां किसानों की आमदनी बढ़ेगी। वहीं बालाघाट के बाजार में चावल को उचित स्थान और दाम पर बेचा जाएगा।
मध्यप्रदेश के बालाघाट के बासमती चावल को जी आई टैग दिए जाने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कृषि मंत्री कमल पटेल ने केंद्र सरकार का शुक्रिया किया है। इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करते हुए आभार जताया है। वहीं MP के 13 जिलों में बासमती चावल (basmati rice) का उत्पादन किया जाता है। जिसमें ग्वालियर, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, विदिशा, होशंगाबाद, सीहोर, रायसेन, जबलपुर, नरसिंहपुर, मुरैना और भिंड शामिल है।
इससे पहले बासमती चावल की GI Tagging को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मध्य प्रदेश सरकार की दलील को स्वीकार कर लिया गया था। वहीं इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट को एक बार फिर से मामले की सुनवाई का आदेश दिया था।
ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश बासमती चावल की GI टैगिंग के लिए 12 सालों से मांग की जा रही है। जिसकी लड़ाई अब सुप्रीम कोर्ट में चली गई है। इससे पहले पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, पश्चिम उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर सहित हिमाचल के कुछ जिलों के बासमती चावल को GI टैग मिली हुई है।