Homeप्रमुख खबरेंकिसानों का मजाक बनाने वाले आई ए एस अधिकारी जुलानिया का तबादला

किसानों का मजाक बनाने वाले आई ए एस अधिकारी जुलानिया का तबादला

चंद रोज पहले ही राजगढ़ में भावांतर योजना का विरोध कर रहे किसानों का यह कहकर मजाक उड़ाने वाले कि किसानी छोड़कर मनरेगा में मजदूरी करो या फिर सरपंच का चुनाव लड़ लो,शिवराज  के दबंग आई ए एस
ध्प्अफसर राधेश्याम जुलानिया का तबादला कर दिया गया है। अभी यह कहना थोड़ी जल्दबाजी होगी कि उन्हें उनके बयान की सजा स्वरूप हटाया गया है। बावजूद इसके आज  दिनभर जुलानिया का तबादला चर्चा में रहा।
जुलानिया को सीएम शिवराज सिंह के पसंदीदा अधिकारी कहा जाता है। वो अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग थे। अब उन्हे जल संसाधन एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में भेजा गया है। यह वही चिकित्सा शिक्षा विभाग है जो व्यापमं घोटाले के समय खासा चर्चित रहा था। एक अधिकारी ने अपने बयान में कहा था कि इस विभाग में जो भी व्यक्ति प्रमुख पद पर आता है, उसका हिस्सा अपने आप तय हो जाता है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में रहते हुए राधेश्याम जुलानिया काफी सुर्खियों में रहे। उनके कई फैसलों का जनता ने समर्थन किया तो उनका विरोध भी एतिहासिक दर्ज किया गया। मप्र में शायद ही ऐसा कोई आईएएस अफसर हो जिसका इस स्तर तक विरोध हुआ। पंचायत सचिवों के साथ जुलानिया की जद्दोजहद तो सर्वविदित ही है। सरपंच एवं सचिवों ने कई दिनों तक जुलानिया के खिलाफ हड़ताल की थी।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यकाल में जुलानिया ने कई अधिकारियों को भी अपने निशाने पर लिया। लगभग हर बड़ी मीटिंग में उन्होंने किसी ना किसी अधिकारी को सस्पेंड जरूर किया। हालात यह थे कि जिलों में बैठे कलेक्टर भी जुलानिया से घबराते थे। एक मामले में तो कलेकटर ने पुलिस बुलाकर अधिकारी को इसलिए अरेस्ट करवा दिया था क्योंकि जुलानिया नाराज थे। चंद रोज पहले ही राजगढ़ में जुलानिया ने भावांतर योजना का विरोध कर रहे किसान से कहा था कि किसानी छोड़कर मनरेगा में मजदूरी करो या फिर सरपंच का चुनाव लड़ लो।
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