Homeप्रमुख खबरेंहिन्दुमहासभा ने पुनः लगाया नाथूराम गौड़से का चित्र की पूजा अर्चना

हिन्दुमहासभा ने पुनः लगाया नाथूराम गौड़से का चित्र की पूजा अर्चना

मध्यप्रदेश के ग्वालियर में हिन्दुमहासभा द्वारा दौलतगंज स्थित अपने कार्यालय में आज एक बार पुनः गांधी के हत्यारे नाथूराम गोड़से का चित्र लगाकर उसकी पूजा अर्चना की गई। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व हिन्दुमहासभा द्वारा यहां गोड़से की प्रतिमा स्थापित कर इस स्थान को गोड़से का मंदिर घोषित करने के बाद कांग्रेस और हिदुमहासभा के बीच विवाद ने जन्म ले लिया था। इसके बाद ग्वालियर कलेक्टर के दिशा निर्देश पर भारी पुलिस बल ने मंगलवार को यहां पहुंचकर गोड़से की मूर्ति को जब्त कर लिया था।

   हिंदू महासभा ने 15 नवंबर को बलिदान दिवस मनाते हुए अपने ऑफिस में ही गोडसे की मूर्ति स्थापित कर दी थी। इसके बाद से शहर की सियासत में उबाल आया हुआ था। कुछ संस्थाओं ने इसके खिलाफ कोर्ट में परिवाद प्रस्तुत किया है, जबकि कांग्रेस ने प्रशासन को मूर्ति हटाने के लिए ज्ञापन देकर 3 दिन का अल्टीमेटम दे दिया था- जिला प्रशासन ने भी गुरुवार शाम हिंदू महासभा को 5 दिन में गोडसे की मूर्ति हटाने के लिए कहा था। जबकि कांग्रेस ने शुक्रवार से गोडसे मूर्ति हटाने की मांग के समर्थन में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। कांग्रेस ने प्रशासन को चेतावनी दी थी कि मूर्ति नहीं हटाई तो कांग्रेस कार्यकर्ता खुद जाकर मूर्ति हटा देंगे, और इस दौरान संभावित संघर्ष के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा।इधर कांग्रेस की चेतावनी ओर उधऱ प्रशासन के अल्टीमेटम के कुछ घण्टे पूर्व भारी पुलिस बल दौलतगंज पहुंचा और किसी भी सम्भावित टकराव को टालने के उद्देश्य से नाथूराम गोडसे की मूर्ति को जब कर लिया।उधर इस मामले में हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयवीर भारद्वाज ने शब्दशक्तिन्यूज़ से बातचीत में कहा कि नाथूराम गोडसे की प्रतिमा स्थापित करने के पीछे एकमात्र उद्देश्य अखण्ड भारत की परिकल्पना को जीवित रखना और नई पीढ़ी तक इसे पहुंचाना है और इस उद्देश्य में हम कामयाब रहे है। आगे भी इस उद्देश्य के लिए संघर्ष करते रहेंगे।उधर जिले के कलेक्टर राहुल जैन का कहना था कि‘हमारे भेजे गये नोटिस का हमें संतोषजनक जवाब नहीं मिला. इसलिए  हमने हिन्दू महासभा के लोगों को इस प्रतिमा को एक घंटे के अंदर हटाने की समय-सीमा दी थी.’ उन्होंने कहा, ‘समय-सीमा देने के बाद उन्होंने हमें कोई जवाब नहीं दिया. इसलिए  हमने इस अर्द्ध-प्रतिमा को जब्त कर लिया.’ जैन ने बताया, ‘हमने उन्हें मध्यप्रदेश सार्वजनिक (धार्मिक भवन एवं गतिविधियों का विनियमन) अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया था।अब एकबार फिर उसी स्थान पर गोड़से का चित्र पुनः स्थापित किया गया है,हालांकि हिदुमहासभा ने अभी यहां पूर्व की तरह न तो मंदिर घोषित किया है न प्रतिमा 94स्थापित की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गतिविधि को नजरअंदाज करता है या फिर गाँधी के हत्यारे के चित्र को लगे रहने की मूक स्वीकृति प्रदान कर देता है। फिलहाल हिन्दुमहासभा गौड़से को महापुरुष मानने के अपने पूर्व नजरिए पर कायम है।
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