मध्यप्रदेश समेत देश के 22 राज्यों में शुक्रवार से 10 दिवसीय किसान आंदोलन शुरू हो गया इस दौरान दूध, सब्जी आदि सामग्री गांव से बाहर नहीं पहुंचने से समस्या खड़ी हो गई है। उधर प्रदेश सरकार ने दूध पर एस्मा लगा दिया है। किसानों की इस हड़ताल को लेकर गुरुवार की रात से ही आम आदमी में दहशत का माहौल देखा गया ग्वालियर सहित तमाम शहरों में भयग्रस्त लोग सब्जी खरीदने बाजार में टूट पड़े। लोग ने गुरुवार को भी सब्जी की जमकर खरीदारी की। आलम यह था कि मौके का फायदा उठाने सब्जी विक्रेता चार से पांच गुना महंगी सब्जियां बेच रहे हैं आलू 40 रुपये तो टमाटर 50 से60 रुपये किलो तक बेच गया। दूसरी ओर की स्थानों पर आंदोलन रत किस सब्जियां दूध आदि सामान सड़कों पर फेकते दिखाई दिए
उधर प्रदेश सरकार ने मंदसौर सहित कई जिलों में धारा 144 लगा दी ही। पुलिस की छुट्टियां कैंसिल कर फी गई हैं, मुख्यमंत्री शिवराज ने देर रात ओर आज सुबह हालात की समीक्षा की ।
और आंदोलन से निपटने के लिए अपने स्तर पर पूरी तैयारी कर ली है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने गुरुवार रात पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ बैठक ली और प्रशासन की तैयारियों का जायजा लिया।
गांव से बेचेंगे सामान :राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा ने ग्वालियर में कहा कि 1 से 10 जून तक मप्र समेत देश के 22 राज्यों में किसान आंदोलन होगा। इस दौरान गांवों से शहर में फल, सब्जी, दूध नहीं आने देंगे। शहरवासियों के लिए हम गांवों में ही दुकानें, स्टॉल लगाकर फल, सब्जी व दूध बेचेंगे।
आंदोलन शांतिपूर्ण: किसानों का दावा है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है। इस दौरान दूध, फल, अनाज और सब्जियां गांव से बाहर नहीं आएगी। किसानों को गिरफ्तार किया गया तो जेल भरो आंदोलन छेड़ा जाएगा।
आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन :6 जून को मंदसौर गोलीकांड की बरसी पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मंदसौर आ सकते हैं। सरकार का दावा है कि किसान आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है। हालांकि किसान संगठन इस बार को सिरे से खारिज कर रहे हैं।
क्या है आंदोलनकारियों की मांगें :
- सभी फसलों पर लागत के आधार पर डेढ़ गुना लाभकारी मूल्य दिया जाए।
- फल, सब्जी, दूध के दाम भी लागत के आधार पर डेढ़ गुना समर्थन मूल्य पर तय किए जाएं।
- किसानों का पूरा ऋण माफ हो।
- छोटे किसानों की आय सुनिश्चित की जाए।